चंडीगढ़। मेवात के पुन्हाना में लंबित मामलों की संख्या अधिक होने के बावजूद कोर्ट अपनी इमारत के लिए तरस रहा है। पुन्हाना बार एसोसिएशन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए स्थार्यी न्यायालय स्थापित करने का आदेश जारी करने की अपील की है।
एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बार एसोसिएशन ने कहा कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की नियमावली के अनुसार प्रत्येक सब डिवीजन में स्थायी न्यायालय अनिवार्य है। जबकि पुन्हाना में मोबाइल कोर्ट के जरिये लोगों के मुकदमे सुने जा रहे थे। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मुमताज हुसैन की अध्यक्षता में पुन्हाना में स्थायी न्यायालय की मांग को लेकर एक प्रस्ताव भी पास किया गया था। हरियाणा सरकार एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को मांगपत्र भी दिया गया था। इसके बाद बार के वर्तमान प्रधान लतीफ अहमद की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित करते हुए यह निर्णय लिया गया कि इस मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाए। याची ने कहा कि पुन्हाना को स्थायी न्यायालय उपलब्ध करवाना हरियाणा सरकार की एक जिम्मेदारी है और भी तक इसे पूरा करने में सरकार नाकाम रही है। याची ने बताया कि पुन्हाना सब डिवीजन के अंतर्गत 110 गांव, 3 थाने, दो पुलिस पोस्ट, एक तहसील और दो ब्लॉक आते हैं। इतना बड़ा क्षेत्र होने के बावजूद न्यायालय के लिए इमारत न होने के चलते याचिकाकर्ताओं, वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भी इस मामले में हरियाणा सरकार को पत्र लिख चुका है लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका पर जल्द सुनवाई होगी।