पंचकूला। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद नगर निगम पंचकूला ने झूरीवाला से अलीपुर में डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अलीपुर टाउन के पास मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि करीब 250 मीटर सड़क का निर्माण शेष है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद नगर निगम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करेगा। जनवरी 2026 में सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
नगर निगम ने अक्तूबर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पत्र के माध्यम से एनओसी मांगी थी, लेकिन बोर्ड ने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करने के निर्देश दिए थे।
झूरीवाला से रोज कचरा उठाने के निर्देश
एनजीटी ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झूरीवाला डंपिंग साइट से रोजाना कचरा उठाया जाए और भविष्य में वहां किसी भी तरह का कचरा डंप न किया जाए। वर्ष 2022 की सुनवाई में एनजीटी ने झूरीवाला में डंपिंग ग्राउंड संचालित करने पर पंचकूला नगर निगम पर 9 करोड़ और कालका नगर परिषद पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
रिपोर्ट में उजागर हुईं गंभीर खामियां
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल प्लांट निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित नहीं था। नियमों के मुताबिक प्लांट वन्य जीव क्षेत्र, वन क्षेत्र या नगर निगम सीमा से कम से कम एक किलोमीटर दूर होना चाहिए। जांच में यह भी सामने आया कि डंपिंग साइट से निकलने वाला लीचेट बारिश के पानी के साथ घग्गर नदी में मिल रहा था, जिससे जल प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया।
शिफ्टिंग में देरी पर 20 करोड़ का नोटिस
डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट न होने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सितंबर 2024 में नगर निगम को 20 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने का नोटिस जारी किया था। इससे पहले 17 अगस्त 2022 को भी एनजीटी के आदेश पर निगम पर 9 करोड़ और कालका नगर परिषद पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। तीन साल बाद भी शिफ्टिंग न होने पर एनजीटी दोबारा सख्त हो गया है।
एनजीटी की सख्ती के बाद नगर निगम ने अलीपुर टाउन के पास एक एकड़ जमीन पर डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट करने को लेकर पत्र के जरिए एनओसी मांगी थी। निगम को ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक आवेदन नहीं किया गया है।
-सुधीर मोहन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला