पंचकूला। पिछले साल के मुकाबले जिले में बेटियों की संख्या घट गई है। 2020 की गणना में जिले का लिंगानुपात 940 था, जो कि अब 2021 में 10 अंक घटकर 930 पहुंच गया है। जिले में कुल जन्म 11599 था, जिसमें 6009 लड़के और 5590 लड़कियां शामिल हैं। रोहतक 945 लिंगानुपात के साथ प्रदेश में पहले और पंचकूला 930 के साथ दूसरे स्थान पर है। सोनीपत 888 लड़कियों के साथ प्रदेश में सबसे पीछे है।
पंचकूला 2020 जनवरी में लिंगानुपात में पूरे प्रदेश में बेहतर रहने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महिला दिवस पर जिले को सम्मानित भी किया था। नोडल अधिकारी डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि 2015 के बाद पंचकूला में लिंगानुपात बढ़ा है। पंचकूला में 6 वर्षों में लिंगानुपात 909 से 963 तक पहुंचा है। हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के शुभारंभ के समय वर्ष-2015 में प्रदेश में जन्म के समय लिंगानुपात 909 था।
आठ सालों का आंकड़ा
जिले में वर्ष 2018 में 1000 लड़कों के पीछे 922 लड़कियों का जन्म हुआ था। जिले का 2014 में 1000 लड़कों पर 916, 2015 के दौरान 909, 2016 में बढ़कर 923, 2017 में यह 911 पहुंच गया। इसी तरह 2018 में बढ़कर 922 हो गया। जनवरी 2019 से दिसंबर 2019 तक जिले का लिंगानुपात 963 हो गया था, जो 2020 में घटकर करीब 940 पहुंच गया। अब 2021 में यह आंकड़ा 930 पहुंच गया है।
प्रदेश में प्रथम दस स्थान
रोहतक 945 के साथ पहले, पंचकूला 930 के साथ दूसरे, सिरसा 929 के साथ तीसरे, नूह 926 के साथ चौथे, हिसार 925 के साथ 5वें, जींद 923 के साथ छठे, कुरुक्षेत्र 921 के साथ सातवें, चरखीदादरी 919 के साथ आठवें, पानीपत 919 के साथ नौवें और यमुनानगर 914 के साथ दसवें स्थान पर है।