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हरियाणा विधानसभा सत्र : उपमुख्यमंत्री बोले- प्रदेश में दस हजार की आबादी वाले गांवों में लगेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

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चंडीगढ़। महाग्राम योजना के तहत प्रदेश के उन सभी गांवों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिस गांव की आबादी दस हजार से अधिक है। जिन गांवों की आबादी दस हजार से कम और आठ हजार से ज्यादा है, उन गांवों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) लगाए जाएंगे। यह जानकारी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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डिप्टी सीएम ने बताया कि जनवरी 2022 से जनगणना होनी है। जनगणना के बाद जिन गांवों की आबादी ज्यादा है, वहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, एफएसटीपी तथा तालाब-जोहड़ की सफाई व सौंदर्यीकरण की योजना है।
महाग्राम योजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में दस हजार से ज्यादा की आबादी, दूसरे में आठ से दस हजार की आबादी और तीसरे हिस्से में पांच हजार से आठ हजार की आबादी वाले गांव शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि जिन गांवों की आबादी आठ हजार से कम तथा पांच हजार से ज्यादा है तो उन गांवों में पोंड अथॉरिटी के अधीन कार्य किए जाएंगे। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि वर्तमान समय में हरियाणा 108 के लगभग ऐसे गांव हैं जिनकी आबादी दस हजार से ज्यादा है, इनमें से कई गांवों में महाग्राम योजना के तहत कार्य किए जा रहे है। जोहड़ों की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के लिए एचआरडीएफ से स्पेशल बजट दिया जा रहा है।
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अटेली के विधायक द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने इस योजना में जो नौ गांव शामिल करने के लिए कहा है, उनकी प्रशासन से रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। सोनीपत विधायक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बताया कि जिस विधानसभा क्षेत्र में शहरी आबादी है और कोई गांव नहीं आता, उस हलके का विधायक साथ लगते विधानसभा क्षेत्र का गांव विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद ले सकता है।
पानीपत रिफाइनरी के आसपास वायु गुणवत्ता के मामले की कराएंगे जांच : डिप्टी सीएम
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पानीपत जिले में रिफाइनरी के आसपास वायु गुणवत्ता के मामले में सुप्रीम कोर्ट व केंद्र सरकार पूरे एनसीआर क्षेत्र को निरंतर मॉनिटर कर रही है। पहले भी इस मामले में सर्वे हो चुका है। अगर क्षेत्र के विधायक कहेंगे तो राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को फिर से वायु गुणवत्ता की जांच के लिए लिखा जाएगा। डिप्टी सीएम ने यह जानकारी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पानीपत में आईओसीएल रिफाइनरी संयंत्र से होने वाले प्रदूषण से संबंधित पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। उपमुख्यमंत्री ने पानीपत शहर के पार्कों के रखरखाव के बारे में कहा कि अगर एचएसवीपी के अंतर्गत आने वाले पार्क हैं तो वहां रेजिडेंस वेलफेयर सोसायटी प्राधिकरण के साथ टाइअप करके रखरखाव कर सकती है। अगर प्राधिकरण के अंतर्गत पार्क नहीं आते हैं, वहां पर रिफाइनरी के सीएसआर फंड के तहत कार्य करवाया जा सकता है, इस बारे में संबंधित विधायक व अन्य अधिकारियों से जिला कष्ट निवारण समिति की अगली बैठक में सहमति से निर्णय लिया जाएगा। इससे पूर्व, उपमुख्यमंत्री ने सदन के सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का लिखित उत्तर सदन-पटल पर रखा, जिसमें जानकारी दी कि सिंहपूरा-सिठाना के सरपंच सतपाल सिंह बनाम आईओसीएल एवं अन्य के मामले का एनजीटी ने निपटान करते हुए हरियाणा सरकार और आईओसीएल को रिस्टोरेशन प्लान के तहत ऑनलाइन सतत अपशिष्ट प्रणाली की स्थापना, लोगों की चिकित्सा जांच, पौधरोपण और वन का रखरखाव व सुरक्षित पेयजल आदि की व्यवस्था का निर्देश दिया है।
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