चंडीगढ़। एनडीपीएस के एक मामले में याचिका हाईकोर्ट में लंबित होने के बावजूद सिरसा के सेशन जज द्वारा आरोपी को नियमित जमानत देना उन्हें भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने अब सेशन जज से इस बारे में जवाब तलब कर लिया है।
मामला तब सामने आया जब एनडीपीएस के मामले में आरोपी जी हेमावथे ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए नियमित जमानत याचिका वापिस लेने की मांग की। हाईकोर्ट को बताया गया कि अब इस याचिका का कोई औचित्य नहीं बचा है क्योंकि सेशन जज ने 28 जून को उन्हें नियमित जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने इसपर हैरानी जताते हुए कहा कि कैसे एक ही मांग को लेकर दो अदालतों में एक ही समय पर याचिका दाखिल कर दी गई। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट में 6 मई को याचिका दाखिल की गई थी जबकि सेशन कोर्ट में इसे 25 जून को दाखिल किया गया था। कोर्ट ने सेशन जज से पूछा है कि कैसे आरोपी को नियमित जमानत दी गई जबकि एनडीपीएस एक्ट का सेक्शन 37 इसकी इजाजत नहीं देता है। कोर्ट ने पूछा क्या जब इस मामले को सुना जा रहा था तो सरकारी वकील या जांच अधिकारी ने उन्हें नहीं बताया कि आरोपी की याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। 22 जुलाई तक सेशन जज को इस बारे में रिपोर्ट सौंपनी होगी। हाईकोर्ट ने हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल को आदेश दिया कि इस मामले को हरियाणा के डायरेक्टर प्रोसीक्यूशन तथा डीजीपी के ध्यान में लाया जाए ताकि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके।