पंचकूला। देश में एचएमपीवी के मरीज मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग वायरस के प्रभाव को देखकर अलग वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में फ्लू कॉर्नर बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में दवा, उपकरण, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर रखने के निर्देश भी हैं। अस्पताल प्रशासन को ओस्टेलमाविर 75, 45, 30 मिलीग्राम और सिरप के साथ-साथ पीपीई, एन-95 मास्क, अभिकर्मक किट, वीटीएम आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस से बचाव की सलाह जारी कर दी है। अब अस्पताल में हर सांस के रोगी की निगरानी होगी। खांसी, जुकाम वाले मरीजों को मास्क लगाना होगा। बच्चों और बजुर्गों पर अधिक नजर रखी जा रही है। यह वायरस श्वसन प्रक्रिया पर असर डालता है। इसके लिए टीबी, एमडी मेडिसिन के डॉक्टरों को नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। उनसे संबंधित मरीजों का इलाज समय पर करने को भी कहा गया है।
जिला अस्पताल में 20 आईसीयू बेड तैयार
स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध बच्चों और बुजुर्गों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में अलग से बेड का इंतजाम किया है। वर्तमान में जिला नागरिक अस्पताल में 40 ऑक्सीजन बेड और 20 आईसीयू बेड हैं। पीएमओ रीटा कालरा ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अगर किसी मरीज में निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसकी सूचना विभाग को दें। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसका इलाज तुरंत शुरू करें। चीन में फैले नए वायरस के लक्षण प्रदेश में किसी भी मरीज को नहीं मिले हैं। मुख्य रूप से ठंड के मौसम में यह वायरस फैलता है। अधिक गंभीर होने पर यह फेफड़ों में पहुंचकर निमोनिया का कारण बन सकता है। इससे सांस से संबंधित समस्या होती है। बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रभावित करता है।
संक्रमण को रोकने के लिए यह करें
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के एमडी मेडिसिन नितिन गर्ग ने बताया कि खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखना चाहिए। बार बार साबुन से हाथ धोएं। लक्षण होने पर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाएं। बीमार व्यक्तियों के संपर्क से दूर रहें। टिश्यू पेपर और रूमाल का दोबारा इस्तेमाल न करें। तौलिया और चादरें साझा करने से बचें। किसी को सांस की दिक्कत है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
अस्पताल प्रबंधन ने एडवाइजरी जारी की है। मरीजों को इलाज किया जा रहा है। एचएमपीपी से निपटने के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी पूरी कर ली गई है। - डॉ. रीटा कालरा, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6