पंचकूला। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार घनघस ने वीरवार को क्वार्टर नंबर-5 पुलिस स्टेशन कालका में संरक्षण गृह का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नाराजगी प्रकट कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संरक्षण गृह में एक दंपती मिला। सीजेएम ने बातचीत कर उनकी समस्या पूछी। इस दाैरान सीजेएम को संरक्षण गृह में कई खामियां नजर आईं। वहां रहने वाले दंपतियों के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं थी। इसके अलावा कमरों की हालत भी खराब नजर आई। कई कमरों में प्लास्टर उखड़ा हुआ था। कमरों में पानी का रिसाव हो रहा था।
इस संबंध में सीजेएम ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंचकूला को पत्र लिखकर तत्काल मरम्मत और सुधार का अनुरोध किया है। सीजेएम ने यह भी कहा कि भीषण सर्दी के बावजूद भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है। अलग से रसोई नहीं है। पानी के गीजर या रूम हीटर जैसी भी कोई सुविधा नहीं है। निरीक्षण के दौरान संरक्षण गृह में 12 घंटे की शिफ्ट करने वाले एसपीओ जतिंदर कुमार और एसपीओ बलविंदर कौर मौजूद रहे। सीजेएम ने उनको आश्रय चाहने वाले जोड़ों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए कमरों की सफाई कराने का निर्देश दिया।
बच्चे की टीबी की रिपोर्ट जल्द मिले, व्यवस्थाएं करें दुरुस्त
सेक्टर-2 पंचकूला बाल निकेतन का भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दौरा किया। उन्होंने बच्चों की स्थिति की जांच कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। आश्रय गृह के अधीक्षक ने सीजेएम को बताया कि एक बच्चे का क्षय रोग (टीबी) का परीक्षण किया गया था, लेकिन रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। सीजेएम ने डीएलएसए कार्यालय को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पंचकूला से संपर्क कर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परीक्षण रिपोर्ट जल्द से जल्द प्राप्त हो।
उन्होंने परीक्षण प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रय गृह में एक दिव्यांग (बहरा और गूंगा) बच्चे की उपस्थिति देखी। उन्होंने दोपहर के भोजन के दौरान बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और उसकी प्रकार की जांच कर सेक्टर-2 आश्रय गृह में रसोइए के साथ बातचीत की।