सम्मेलन में सीएम ने महिलाओं के आर्थिक‑सामाजिक सशक्तिकरण पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता को नई दिशा दी है। गांव‑गांव में महिलाओं के प्रति बदलती सोच, घर-घर में बढ़ता सम्मान और समाज में नई ऊर्जा का संचार, इन समूहों की मेहनत और सामुदायिक शक्ति का ही परिणाम है। भाजपा मुख्यालय पंचकमल में अजीविका मिशन के तहत हुए एक कार्यक्रम में सीएम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित हरियाणा- विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं के इन समूहों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में जितना अधिक महिलाएं आगे बढ़कर योगदान देंगी, लक्ष्य उतनी ही तेजी से पूरे होंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के वादों को जमीन पर उतारने में किसी प्रकार की देरी नहीं की गई है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने अपनी पहली बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना में पंजीकरण तेजी से जारी है और इसकी पहली किस्त जारी हो चुकी है, जबकि दूसरी किस्त भी जल्द दी जाएगी।
सैनी ने कहा कि उन परिवारों की जहां वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है। उन बहनों को मात्र 500 रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है जिससे घरेलू महिलाओं को राहत मिली है और रसोई का खर्च कम हुआ है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बहन आर्थिक तंगी के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।
स्वयं सहायता समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार का नया तंत्र भी खड़ा किया है। सैनी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये समूह हरियाणा की आर्थिक प्रगति में और मजबूत भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, विधायक शक्ति रानी शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सम्मेलन में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे समूहों के माध्यम से उनकी आजीविका और सामाजिक पहचान मजबूत हुई है।