पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में सरस मेले का शुभारंभ किया गया। 6 से 17 नवंबर तक चलने वाले मेले में करीब 150 कारीगर अपने अनोखे हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाकृतियां और दुर्लभ हस्तनिर्मित उत्पाद स्टाॅल लगाकर प्रदर्शित कर रहे हैं। इसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश के अलावा कई राज्यों से स्वयं सहायता समूहों के स्टाल लगाए गए हैं। मेला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रयासों से लगाया गया है। इसमें हरियाणा के जींद, रोहतक, यमुनानगर, घरौंडा, कैथल, सोनीपत, झज्जर, हिसार, करनाल, पिंजौर, रेवाड़ी, अंबाला, पलवल तथा पानीपत से आए सेल्फ हेल्प ग्रुप्स द्वारा अचार, बाजरे का लड्डू, आंवले का सामान, जूट के बैग, फूलदान, खरोशिया का सामान, सजावटी फूल, झूमर, उनके कपड़े, हाथ से बनी साड़ी व सूट, हाथ से बनी ज्वेलरी, बैग, मोमबत्ती, मुरब्बा, नेकलेस, जरी के काम वाली चप्पल, जरी-गोटा काम के कपड़े, लकड़ी पर नेम प्लेट व पेंटिंग, हथकरघा कांच का सजावटी सामान, जड़ी-बूटी से बना दर्द निवारण तेल व पेट की बीमारियों के लिए चूरन, खड्डी के बने सूट व साड़ी के स्टाल लगाए गए हैं। अलग अलग राज्यों के फूड कोर्ट भी लगे हुए हैं।
सरस मेला में हरियाणवीं कलाकारों ने दी प्रस्तुति
आर्ट एंड कल्चर विभाग द्वारा सरस मेले की शाम की शुरुआत हरियाणवी नृत्य की धमाकेदार प्रस्तुति से हुई। इस दौरान कलाकारों ने हरियाणवी नृत्य की परफॉर्मेंस इतनी लाजवाब थी कि दर्शकों की डिमांड पर इसे दोबारा भी प्रस्तुत किया गया।