चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की सीएम विंडो और ट्विटर हैंडल व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध हो रहे हैं। स्कूल फंड में गड़बड़ी पर फरीदाबाद के संस्कृत अध्यापक नप गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने बताया कि फरीदाबाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहतपुर के संस्कृत अध्यापक यतिंद्र कुमार के विरुद्ध शिकायत मिली थी। उसने डीडीओ रहते राष्ट्रीय शिक्षा अभियान, सर्व शिक्षा अभियान व अन्य खातों का कार्यभार दूसरे डीडीओ को नहीं दिया। वर्ष 2011 व वर्ष 2014 के बीच 37,16,704 रुपये की राशि स्कूल फंड के लिए मिली थी, जिसके बिलों में भारी गड़बड़ी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए दोषी डीडीओ को दंड एवं अपील नियमावली, 2016 के नियम 7 के तहत पहले चार्जशीट किया। उसके बाद शिक्षा निदेशालय ने लेखा अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। उसकी जांच में पाया गया कि कोटेशन लिए गए बगैर ही स्कूल यूनिफार्म, फर्नीचर व अन्य निर्माण सामग्री खरीदी गई थी। इस पर स्कूल प्रबंधन कमेटी के भी हस्ताक्षर नहीं लिए गए। मामले में अनियमितताओं की गंभीरता को देखते हुए संस्कृत अध्यापक यतिंद्र को निलंबित कर दिया गया। डीडीओ कार्यभार किसी दूसरे को दे दिए गए।
मुख्यमंत्री को ट्वीट पर समस्या का तुरंत समाधान
महेंद्रगढ़ से 14 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री को ट्वीट किया गया कि जड़वा गांव के मस्टरोल 58 और 127 की मनरेगा मजदूरी की पेमेंट दो महीने से अधिक समय से लंबित है। जल्दी मजदूरी के पैसे खाते में डलवाएं। भूपेश्वर दयाल के अनुसार इस पर तत्काल संज्ञान लिया गया और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सतनाली को निर्देश दिए गए कि मनरेगा की मजदूरी का भुगतान तत्काल किया जाए। शिकायतकर्ता ने 24 सितंबर को @cmohry, @Dchautala, @PMOIndia को अपने रि-ट्वीट में कहा कि श्रीमान आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।