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Panchkula News: वार्ड-17 में सफाई और सीवरेज व्यवस्था फेल, बस सुविधा का संकट

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लोग बोले- पांच साल में नहीं बदली तस्वीर, चुनाव आते ही फिर शुरू हुए वादे
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। वार्ड नंबर-17 के सेक्टर 23, 24, 25, नाडा, चौंकी, मोगीनंद और नग्गल के लोग आज भी सफाई, सीवरेज और बस सुविधा जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। नगर निगम में शामिल होने के बावजूद क्षेत्रवासियों को शहर जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं होती और कूड़ा समय पर नहीं उठाया जाता। नाडा गांव की गलियों में कूड़ा और गोबर फैला रहता है, जबकि सेक्टर-25 में लावारिस पशुओं और बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या बनी हुई है। लोगों को पानी की अनियमित सप्लाई का भी सामना करना पड़ रहा है।
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वार्ड के गांवों में बस सेवा नहीं होने से लोगों को करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 तक पहुंचना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगल और मोगीनंद क्षेत्र में बस शेल्टर तक नहीं है, जिससे लोग धूप और बारिश में खुले में खड़े रहने को मजबूर हैं।
मोगीनंद और नग्गल में अब तक सीवरेज लाइन नहीं बिछाई गई है। गंदगी और बदबू के बीच रहने को मजबूर लोगों ने बताया कि बंदरों और लावारिस पशुओं का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। वहीं खेल मैदान न होने से बच्चों को खेलने के लिए उचित जगह नहीं मिल पा रही।
लोगों का आरोप है कि पिछले चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन पांच साल बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। अब चुनाव नजदीक आते ही फिर वही वादे दोहराए जा रहे हैं। वहीं निगम कमिश्नर विनय कुमार का कहना है कि वार्डों की समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही समस्याएं सुलझाई जाएंगी।
सुविधाएं गांवों जैसी भी नहीं
बलविंदर ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने के बावजूद सुविधाएं गांवों जैसी भी नहीं मिल रही हैं। न सफाई व्यवस्था ठीक है और न ही पानी की नियमित सप्लाई हो रही है।
दो किलोमीटर पैदल चलते हैं
ज्वाला ने कहा कि बस सुविधा नहीं होने से लोगों को रोजाना दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बस शेल्टर न होने से धूप और बारिश में खड़े रहना मजबूरी बन गया है।
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गंदगी और बदबू से हालात खराब
मोगीनंद निवासी यादराम ने बताया कि सीवरेज न होने से गंदगी और बदबू से हालात खराब हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
गलियों में कूड़ा फैला रहता है
चमन सिंह ने कहा कि नाडा और आसपास के इलाकों में गलियों में कूड़ा और गोबर फैला रहता है। पांच साल में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ और अब फिर चुनावी वादे सुनने को मिल रहे हैं।
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