चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सोमवार को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें केंद्र व पंजाब सरकार से धार्मिक मामलों में दखल न देने की मांग की गई है। साथ ही केंद्र और सभी राज्य सरकारों से यह अपील की गई है कि सिख संस्थानों पर नियंत्रण करने का कोई भी प्रयास नहीं होने चाहिए। पहले इस तरह के जो मामले हुए हैं उसके लिए सरकारों को माफी मांगनी चाहिए जो शहीदी दिवस को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सुखबीर ने कहा कि साजिशों द्वारा सिख संगत से दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) का नियंत्रण छीनना और हरियाणा में एक अलग निकाय स्थापित करके एसजीपीसी को जबरन विभाजित करना सही नहीं है। महाराष्ट्र और बिहार में भी इसी तरह का प्रयास किया गया। इस पाप पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। सरकार को पुरानी गलतियां सुधारने के साथ ही भविष्य में इससे बचना चाहिए।
शिअद प्रधान ने कहा कि चंडीगढ़ पर सिर्फ पंजाब का हक है इसलिए केंद्र सरकार इसे राज्य को सौंपने की प्रक्रिया जल्द पूरी करें। बीबीएमबी, पंजाब विश्वविद्यालय और पानी से लेकर सभी मुद्दों पर किसी भी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार धीरे-धीरे चंडीगढ़ को छीनने का प्रयास कर रहा है। चीमा ने कहा कि कोर कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब का अनादर करने के तरीके पर भी नाराजगी जताई है। अकाली दल इस तरह के अपमानजनक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने श्री अकाल तख्त अमृतसर, श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और श्री आनंदपुर साहिब के सभी आध्यात्मिक गलियारे अब पवित्र नगरी घोषित करने पर कहा कि यह गलियारे पहले से ही पवित्र हैं। सरकार को शहीदी दिवस के मौके पर विकास परियोजना की बड़ी सौगात देनी चाहिए थी। इस तरह की ड्रामेबाजी ठीक नहीं है।
जिला परिषद चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा :
कोर कमेटी की बैठक में शिअद ने जिला परिषद चुनाव पार्टी चिह्न पर अकेले लड़ने की घोषणा की है। चीमा ने कहा कि सभी जिलों में स्क्रीनिंग करके उम्मीदवारों का चयन करने के निर्देश दे दिए हैं।