संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार आयुष्मान भारत के डिप्टी सीईओ डाॅ़ रवि विमल को हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल की टीम ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसको चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसीबी ने जांच में पिंजौर स्थित अमरावती स्थित उनके फ्लैट से 1.02 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। एसीबी जांच कर रही है कि इतने रुपये कहां से आए। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल की टीम ने वीरवार को डॉ. रवि विमल को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
एसीबी की टीम ने आरोपी डॉक्टर की निशानदेही पर उनके घर की तलाशी ली। फिलहाल इस नकदी के स्रोत की जांच हो रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं। एसीबी अलग-अलग एंगल से इस मामले की जांच कर रही है। आरोपी डॉ. रवि विमल पंचकूला में आयुष्मान भारत योजना के डिप्टी सीईओ के पद पर तैनात थे। करनाल के एक निजी अस्पताल के संचालक ने एसीबी को शिकायत दी थी कि डॉ. विमल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल का निलंबन रद्द करने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसमें से पांच लाख रुपये की पहली किश्त तय हुई थी, जिसे लेते हुए एसीबी ने डॉ. विमल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर किया था।