रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) ने स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरएलए ने विभिन्न कंपनियों और एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन करने वाली कंपनियां ही केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए डिजाइन पर ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करेंगी।
केंद्र के निर्देश के अनुसार पूरे भारत में ड्राइविंग लाइसेंस का प्रारूप, फॉन्ट और लेआउट एक जैसे ही होंगे, जैसे पासपोर्ट या पैन कार्ड के लिए प्रयोग किया जाता है। हालांकि, नए लाइसेंस को सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ही इन यूनिवर्सल स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस को तैयार करेंगे और फिर लोगों को दिया जाएगा।
आरएलए विराट ने बताया कि उन्होंने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी कर दिया है, ताकि योग्य एजेंसियां व कंपनियां इसके लिए अप्लाई कर सकें। सिटीजन फ्रेंडली सिस्टम अपनाने के लिए विभाग की ओर से इसकाम को आउटसोर्स भी किया जा रहा है, जिसमें आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करने के साथ ही इसे डिलीवर करने की भी पूरी जिम्मेदारी वेंडर की होगी, ताकि तय समयसीमा के अंदर लोगों को ये दोनों डोक्यूमेंट्स प्राप्त हो सकें।
यूनिवर्सल स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस के कई फायदे
आरएलए की ओर से नए डिजाइन के साथ आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस की क्वालिटी भी बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि वह नए कार्ड में पॉलीकार्बोनेट मैटीरियल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे व्हीकल ऑनर की फोटो कई साल तक खराब नहीं होगी। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए एक मानक प्रारूप है।
इससे नकली और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस को भी रोका जा सकेगा। वर्तमान में, विभिन्न राज्यों की ओर से जारी किए गए ड्राइविंग लाइसेंस अलग-अलग होते हैं, जिससे ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों और मोटर वाहन विभागों जैसे प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नियमित जांच के दौरान उन्हें सत्यापित करना मुश्किल हो जाता है।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एक डिजाइन भेजा है, जिसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से तैयार कर लोगों को देना है। इसके लिए आवेदन मांगे है, जो भी अप्लाई करना चाहता है, वह कर सकता है।
- विराट, आरएलए