माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। रिटर्निंग अधिकारी के बीमार होने की वजह से सोमवार को नगर निगम में होने वाले वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर के चुनाव टल गए। रिटर्निंग अधिकारी सिमरनजीत कौर के अचानक बीमारी होने पर कयास लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने भाजपा पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर खेला होने का आरोप लगाया है। कई दिनों से चल रही चुनाव प्रक्रिया अचानक टलने से कांग्रेस, जजपा समेत अन्य दलों के पार्षदों ने निराशा प्रकट की है।
सेक्टर-14 के किसान भवन में सोमवार को इन दोनों पदों का चुनाव होना था। चुनाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं कर ली गई थीं। तीनों पार्टियों के पार्षद चुनाव के लिए सुबह 11 बजे किसान भवन पहुंच गए थे। भारतीय जनता पार्टी के सभी 11 पार्षद और महापौर ने भाजपा का पटका पहना हुआ था। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के नेतृत्व में पूरी रणनीति तैयार थी। वहीं विधायक चंद्रमोहन के साथ कांग्रेस के सभी 8 पार्षद और एक पार्षद जजपा का पहुंचा था। करीब 11.10 बजे सूचना मिली कि चुनाव अधिकारी की तबीयत अचानक खराब हो गई है। वह अपने इलाज के लिए पंचकूला सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में भर्ती है। कांग्रेस के विधायक चंद्रमोहन ने आरोप लगाया कि जब बीजेपी के पास बहुमत का आंकड़ा है, तो चुनाव से पहले रिटर्निंग अधिकारी के बीमार हो जाना एक षडयंत्र लगता है।
भाजपा के पास 12 पार्षदों का बहुमत है, लेकिन उसे पता है कि दबाव में पार्षद उनके पक्ष में वोट नहीं डालेंगे, पार्षद कांग्रेस के साथ हैं। चंद्रमोहन अपने पार्षदों के साथ 11:30 बजे पंचकूला नागरिक अस्पताल में सिमरनजीत कौर को देखने के लिए पहुंचे, लेकिन वह उन्हें वहां नहीं मिलीं। चुनाव अधिकारी का नाम मरीजों की सूची में दर्ज ही नहीं था और ना ही चुनाव अधिकारी वहां इलाज करवाते हुए मिले। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सिमरनजीत कौर उपचार के लिए आईं थीं।
अदालत में जाएगी कांग्रेस
चंद्रमोहन ने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के पार्षदों को खरीदना चाहती है। इस चुनाव में उनके पार्षदों को पैसों का लालच दिया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस के पार्षद चट्टान की तरह कांग्रेस के साथ हैं। 4 नवंबर को चुनाव न करवाना कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। कांग्रेस इस निर्णय को लेकर कंटेप्ट ऑफ कोर्ट डालेगी। वार्ड नंबर सात की पार्षद उषा रानी ने बताया कि चंडीगढ़ के सभी पार्षदों को व्हाट्सएप के जरिए मैसेज भेजा गया था। यहां सभी पार्षदों को अचानक मौखिक जानकारी दी गई है।
क्रॉस वोटिंग के डर से भाजपा ने टाला चुनाव
इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष पंचकूला शहरी मनोज अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम के वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर चुनाव टालने का मतलब है कि भाजपा में आत्मविश्वास की कमी है। उसे अपने पार्षदों पर भरोसा नहीं है। वजह है कि भाजपा के कई मौजूदा पार्षदों का अतीत कांग्रेस व इनेलो से जुड़ा है। इसलिए भाजपा को क्रॉस वोटिंग का डर है। जिसके चलते भाजपा ने चुनाव को अचानक स्थगित करवा दिया।
रिटर्निंग अधिकारी सिमरनजीत कौर उपचार के लिए पंचकूला सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में आईं थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। - जितेंदर सिंह, पीएमओ सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला।