पंचकूला। आजादी के 75 साल में देश ने काफी तरक्की की है और हर क्षेत्र में सशक्त बना है। इस बीच कुछ समस्याएं भी रहीं, लेकिन विकास की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई। करीब 15-20 सालों में टेक्नालॉजी और सूचनाओं के आदान प्रदान के मामले में भारत ने काफी तरक्की की है। वहीं, सुरक्षा के मामले में भारत की सरजमीं, समंदर और आसमान अजेय हैं, क्योंकि उनकी सुरक्षा की कमान हमारी करीब 14 लाख की विशाल जल-थल-नभ सेना के पास है। देश के विकास का अंदाजा तो इसी से लगाया जा सकता है कि पहले जो काम पांच जवान करते थे, आज एक जवान कर सकता है। क्योंकि आज हम फिजिकल के साथ साथ साइंटिफिक भी मजबूत हैं। यह कहना है सेना से रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों का।
सबसे बड़ा बदलाव: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया जाना
देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटाया जाना अब तक का एक ऐतिहासिक फैसला रहा है। इससे बड़ा बदलाव और क्या हो सकता है। आतंकवादी गतिविधियों में महत्वपूर्ण गिरावट आने से डिफेंस से लेकर आमलोगों को काफी फायदा हुआ है। सियाचिन और नॉर्थ ईस्ट में राशन और यूनिफार्म में सुधार की जरूरत है। वहीं राजस्थान में जहां सेना के छावनी बनाए गए हैं, वहां वाटर सप्लाई ज्यादा बेहतर करने की जरूरत है। -रिटायर ऑनरेरी कैप्टन रमजान खान, वेस्टर्न कमांड चंडीमंदिर
भारत चीन से मुकाबले के लिए तैयार
विकास और विकास का पहिया 75 सालों में ऐसा घूमा है कि आज भारत हर विकसित देश को टक्कर दे सकता है। आज के सिपाही शिक्षित हैं। सेना के जवानों की ट्रेनिंग फिजिकल के साथ साइंटिफिक हो गई है। यह देश के हर नागरिक के लिए हर्ष की बात है। वहीं हर बार्डर एरिया की कनेक्टिविटी बढ़ी है। अब हर विकसित देश का भारत मुकाबला कर सकता है। समय के साथ सेना के इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार आधुनिकीकरण हुआ है। नतीजा वायु सेना, नौ सेना, तटरक्षक बल और अन्य सेनाओं के बेहतर उपकरण हैं। आज भारत चीन से मुकाबले के लिए तैयार है। हम हर विकसित देश को टक्कर दे सकते हैं। -वेटरन सूबेदार मेजर ऑनरेरी लेफ्टिनेंट रमेश तपवाल (नेशनल सेक्रेटरी वेटरेंस इंडिया)
75 सालों में देश ने की तरक्की और बना सशक्त
देश की तरक्की का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज देश की सेना माइंस और हैंड ग्रेनेड से न्यूक्लियर मिसाइल तक पहुंच गई है। आज हम मजबूत मैन पावर के साथ साथ टेक्नालॉजी में भी आगे हैं। पहले जो काम पांच जवान करते थे आज टेक्नालॉजी की बदौलत वह काम एक जवान कर सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो देश के युवा फिजिकल के साथ-साथ साइंटिफिक व मानसिक तौर पर भी मजबूत हुए हैं। 75 सालों में इतना बदलाव आया है कि हम हर विकसित देश को बराबरी का टक्कर दे सकते हैं। जय हिंद, जय भारत।
- कैप्टन सुरेंद्र देव शर्मा