पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (पीएसईआरसी) ने कोविड और लॉकडाउन के कारण राजस्व घटने के बावजूद पंजाब के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है। नए टैरिफ के मुताबिक 0-100 यूनिट की खपत वाले के लिए प्रति यूनिट 50 पैसे और 101-300 यूनिट की खपत वालों के लिए 25 पैसे की कमी की गई है।
नई बिजली दरें सोमवार 1 जून 2020 से अगले साल 31 मार्च, 2021 तक लागू होंगी। इस फैसले से लगभग 69 लाख उपभोक्ताओं को कुल 354.82 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। ऐसे उपभोक्ता जिनका मंजूरशुदा लोड 0-2 किलोवाट है उनके बिलों में 5.40 फीसदी और 2-7 किलोवाट खपत वाले उपभोक्ताओं के बिल में 1.08 प्रतिशत की कमी आएगी।
इसके साथ ही पीएसपीसीएल ने 2 किलोवाट से अधिक लोड वाले टैरिफ स्लाट 301-500 यूनिट और 501 यूनिट से अधिक, को मर्ज करते हुए एक ही स्लाट बना दिया है। रेगुलेटरी ने सूबे के छोटे दुकानदारों जिनका मंजूरशुदा बिजली लोड 7 किलोवाट तक है, को कोई राहत तो नहीं दी लेकिन उनके लिए निर्धारित बिजली दरों में कोई इजाफा भी नहीं किया है।
कृषि बिजली उपभोक्ता का टैरिफ रेट बढ़ाया
इसके अलावा स्माल, मीडियम और लार्ज औद्योगिक उपभोक्ताओं के स्थायी टैरिफ में भी कोई इजाफा नहीं किया गया है। उधर, पीएसपीसीएल ने कृषि बिजली उपभोक्ता के लिए बिजली दरें 6.95 रुपये प्रति यूनिट करने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। उनके मौजूदा 5.28 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ रेट को बढ़ाकर 5.57 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है।
रेगुलेटरी की तरफ से रात 10 बजे से सुबह के 6 बजे के बीच बिजली का उपयोग करने वाले बड़े और मझोले औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 50 फीसदी तय चार्ज समेत रात की विशेष दरों और 4.83 रुपये/केवीएएच ऊर्जा चार्ज को चालू रखने और इसे छोटे पैमाने पर बिजली का उपभोग करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं तक बढ़ाने का फैसला किया है। इससे छोटी औद्योगिक इकाइयों को लॉकडाउन के कारण हुए वित्तीय घाटे से उभरने में मदद मिलेगी।