चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण के बेकाबू हालात के बीच राहत की बात ये है कि कोरोना को हराने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। करीब 83 प्रतिशत कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक कुल 4,13,334 कोरोना के मरीज मिले हैं, जिनमें से 3,40,247 मरीज ठीक हो चुके हैं। हरियाणा में मृत्युदर घटकर 0.90 प्रतिशत रह गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 19 अप्रैल को 3663, 20 अप्रैल को 3367, 21 अप्रैल को 3928, 22 अप्रैल को 6512, 23 अप्रैल को 6334 और 24 अप्रैल 5104 मरीज ठीक हुए। वहीं, 6 जिलों कैथल, ,महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, यमुनानगर और पंचकूला में जितने नए केस आए, लगभग उतने या उससे ज्यादा मरीज रिकवर भी हुए।
प्रदेश के 22 जिलों में कुल 526 कोविड केयर सेंटर हैं, जिनमें 45086 बेड की व्यवस्था है। हल्के से मध्यम कोविड मरीजों के लिए 281 कोविड अस्पतालों में 21,417 बेड की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 47,222 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। विभाग का दावा है कि इनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों से दूरभाष पर कम से कम एक बार संपर्क किया गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को मेडिकल किट की होम डिलीवरी की जा रही है।
संस्थान : ऑक्सीजन बेड : उपलब्ध बेड - आईसीयू : उपलब्ध
मेडिकल कॉलेज : 1861 : 557 765 : 19
सरकारी अस्पताल 4977 : 3287 380 : 115
निजी अस्पताल 7258 2157 721 191
कुल बेड 14096 6001 1866 325
प्रदेश में बढ़ा ऑक्सीजन का कोटा
प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा 156 मीट्रिक टन से बढ़कर 162 मीट्रिक टन हुआ। प्रदेश में कल 125.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई, जो रविवार को बढ़कर 185.22 मीट्रिक टन हो गई है। ऑक्सीजन बनाने को तकनीक आधारित 6 प्लांट फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, अम्बाला, पंचकूला और हिसार में बनकर तैयार हैं, जो अगले दो दिन में उत्पादन शुरू करेंगे । इसके अलावा, वैक्सीनेशन अभियान लगातार जारी है।
इलाज से संबंधित कुछ और तथ्य
-अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाकर 55,438 की गई।
-प्रतिदिन 49,000 से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं।
-लगभग 95 प्रतिशत टेस्ट आरटीपीसीआर के माध्यम से किए जा रहे हैं।
- इस समय 19 सरकारी एवं 18 प्राइवेट टेस्टिंग लैब कार्यरत हैं।
- कांट्रेक्ट ट्रेसिंग सैंपल के लिए 67 टीमें बनाई गई हैं।
-जिला अस्पतालों को ऑक्सीजन की मांग के लिए हेल्पलाइन नं0 9888489236 जारी
-प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 1200 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है।
-जल्द ही पीजीआई रोहतक में 1000 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे।