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मिलों की रिकवरी गन्ने की क्वालिटी कमजोर रहने से घटी : कृषि मंत्री
अमर उजाला ब्यूरोे
चंडीगढ़। कृषि मंत्री जेपी दलाल कहा कि पिछले साल की सभी निजी व सहकारी चीनी मिलों की रिकवरी गन्ने की क्वालिटी कमजोर रहने की वजह से 0.34 फीसदी घटी है। इस बार रिकवरी 10.58 से घटकर 10.24 फीसदी आई है। गन्ने की जीसी किस्म 0238 में कुछ रोग आ रहे हैं। इसलिए केंद्र व एचएयू के वैज्ञानिकों से चर्चा करने के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने एक नई किस्म 15023 विकसित की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बुआई की जा रही गन्ने की किस्म से सामान्यत: 10.50 प्रतिशत के आसपास चीनी की रिकवरी आती है, जबकि विकसित की गई 15023 नई गन्ने की किस्म की रिकवरी 14 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
दलाल ने कहा कि जल्द इस किस्म को किसानों तक पहुंचाया जाएगा जिससे चीनी का उत्पादन 30 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। साथ ही वैज्ञानिकों को नई किस्म के बीज उत्पादन लिए जल्द ही जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस बार सभी चीनी मिलों को नवंबर के प्रथम सप्ताह में संचालित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शुगर मिल जल्दी चलने से किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। वहीं इस बार सभी शुगर मिलों को पिछले साल से ज्यादा गन्ना आवंटित किया जाएगा और किसी भी मिल की मात्रा कम नहीं की जाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा गन्ना उत्पादन में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की एक शुगर मिल नारायणगढ़ को छोड़कर बाकी सभी चीनी मिलों का भुगतान शत प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में पिछले 4 सालों से गन्ने का भाव 310 रुपये था, लेकिन पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पंजाब की सरकार ने इस बार 50 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव बढ़ा दिया है।
पंजाब में 360 रुपये प्रति क्विंटल हुआ गन्ना मूल्य
किसानों के विरोध के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साल 2021-22 के गन्ना पिराई सीजन के लिए गन्ने का भाव 360 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इससे गन्ना उत्पादकों को अधिकतम 50 और न्यूनतम 35 रुपये का फायदा होगा। पंजाब में पहले गन्ने की अगेती किस्म का मूल्य 325 रुपये, मध्यम का मूल्य 315 रुपये और पछेती का मूल्य 310 रुपये था।