पंचकूला। मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान की अति आवश्यकता है। सभी को योग और आध्यात्म के वैज्ञानिक तत्व को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उक्त शब्द हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहे। वह सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयंती पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कांफ्रेंस की अध्यक्षता हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने किया। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता दीप प्रज्वलन कर स्वामी विवेकानंद को माल्यर्पण किया।
ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि उनके दिन का शुभारंभ योग से ही होता है। ओंकार से मन मस्तिष्क शांत होता है। योग हमारी पुरातन विरासत है। हमारे ऋषियों ने योग जैसी महान विद्या को हमें प्रदान कर बहुत बड़ा उपकार किया है। उन्होंने कहा कि योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज ने योग विज्ञान का संपूर्ण विश्व में डंका बजाया। वर्तमान में योग को विश्व पटल पर प्रतिस्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि किस प्रकार आध्यात्म, योग पतंजलि योग सूत्र, ध्यान उपनिषद एवं वेदांत स्वामी विवेकानंद के जीवन के मार्गदर्शक बने। राष्ट्रीय कांफ्रेंस में ऑनलाइन माध्यम से हजारों लोगों ने भी सहभागिता की। इसी प्रकार कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति भारत के जाने माने विशेषज्ञों ने भी दर्ज करवाई। डॉ. बीएन गगांधर पूर्व निदेशक ने बताया कि योग किस प्रकार मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।