पंचकूला। सेक्टर-12-ए स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पंचकूला की मुख्य संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी बहन रक्षा (73) का 5 मई को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार वीरवार को सेक्टर-28 स्थित श्मशान घाट में हुआ। वह पिछले दो-तीन साल से अस्वस्थ चल रही थीं। लेकिन, छह दिन पहले हालत बिगड़ने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बुधवार, शाम करीब साढ़े चार बजे अंतिम सांस ली।
उन्होंने अपना पूरा जीवन ईश्वरीय सेवा में समर्पित रखा। वह 36 वर्षों से ब्रह्माकुमारी सेंटर पंचकूला का नेतृत्व कर रही थीं। राजयोगिनी बह्माकुमारी बहन रक्षा के नेतृत्व में संस्थान ने समाज सेवा के कई बड़े कार्य किए। उनकी दूरदृष्टि एवं लगन का परिणाम था कि पंचकूला में 2 दिन का सिस्टर शिवानी का अति विशाल कार्यक्रम ऑडिटोरियम इंद्रधनुष में हुआ। संस्था से आज 600 से ज्यादा भाई-बहन पंचकूला शहर में जुड़े हुए हैं। वह समय की पाबंद थीं। जो कहती थीं, वह अवश्य पूरा करके दिखाती थीं। व्यवहार इतना सरल और शांतिमय था कि जो मिलता उसके अंदर एक अमिट छाप बन जाती थी। जब उन्होंने पंचकूला का कार्यभार संभाला था, तब ब्रह्माकुमारी संस्थान केवल 2 कमरों के मकान में था, जबकि आज एक विशाल ब्रह्माकुमारी सेंटर एवं आठ गीता पाठशालाएं हैं। उनकी देखरेख में एक और कन्या ब्रह्माकुमारी बहन अंजू ने अपना जीवन ईश्वरीय सेवा में समर्पित किया।