मोरनी। मोरनी से रायपुररानी मार्ग की हालत देखकर लगता है कि लोक निर्माण विभाग के अफसर और ठेकेदार शायद इस सड़क से कभी गुजरे ही नहीं हैं। सड़क की जगह अब तालाब और दलदल ने ले ली है। बारिश का मौसम के चलते यह मार्ग हादसों का फंदा बन चुका है, लेकिन विभाग आंखें मूंदे बैठा है। स्कूली बच्चों की बसें इसी दलदल से होकर गुजर रही हैं, रोजाना जान हथेली पर लेकर लोग इस रास्ते का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। लेकिन विभाग का रवैया ऐसा कि मानों यह सड़क जनता के लिए नहीं सिर्फ कागजों में ही बनी हो।
डॉ. विजय, सतीश शर्मा, विरेंद्र प्रजापत व अन्य लोगों का कहना है कि मोरनी से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर पॉइंट पर लगातार सड़क धंस रही है। उस पर पीडब्ल्यूडी विभाग हर बार सिर्फ मिट्टी डालकर खानापूर्ति करता है। यह मिट्टी भी कुछ मिनटों की बारिश में ही दलदल में बदल जाती है और सड़क फिर से पहले जैसी हो जाती है। हालात यह हैं कि इस सड़क पर गाड़ी चलाना नहीं बल्कि कीचड़ में नाव खेना जैसा महसूस होता है।
दोबारा सड़क बनाने की समय सीमा भी हुई पूरी
इस सड़क को दोबारा बनाने का समय सीमा काफी पहले ही पूरा हो चुकी है। विभाग की अनदेखी और टालमटोल रवैया ने हालात इतने बिगाड़ दिए हैं कि अब जनता का सब्र टूटने लगा है। रोजाना मोरनी से रायपुररानी आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा मुश्किलें स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को उठानी पड़ती हैं, जिन्हें मजबूरी में इसी टूटी-फूटी सड़क से सफर करना पड़ता है।