करीब 10 घरों में घुसा पानी, फर्नीचर से वाशिंग मशीन तक खराब
ग्रामीण बोले- छोटी पुलिया के कारण हर तेज बारिश में लौट आता है पानी
चरन सिंह टिब्बी
पंचकूला। शनिवार की तेज बारिश चौकी गांव के करीब 10 परिवारों के लिए आफत बन गई। बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था चरमराने से देखते ही देखते गांव की गलियों और घरों में करीब पांच फुट तक गंदा पानी भर गया। पानी की चपेट में आने से फर्नीचर, वाशिंग मशीन, गद्दे, बेड, पेटियां और अलमारियां खराब हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आरोप है कि बरसाती पानी की निकासी के लिए बनी छोटी पुलिया तेज बारिश का पानी निकालने में सक्षम नहीं है, जिससे हर बार पानी वापस गांव की ओर आ जाता है।
बारिश तेज होते ही नदी का पानी गांव की ओर बढ़ने लगा। कुछ ही देर में गलियों से होता हुआ पानी घरों में घुस गया। कई घरों में पानी इतना बढ़ गया कि घरेलू सामान डूब गया। परिवारों ने सामान ऊंची जगहों पर रखने का प्रयास किया, लेकिन पानी लगातार बढ़ने से कई सामान नहीं बचाए जा सके। गंदा पानी भरने से आर्थिक नुकसान के साथ कई घंटे तक जनजीवन भी प्रभावित रहा।
पुलिया की क्षमता कम, मिट्टी भरने से और बिगड़ती है स्थिति
ग्रामीणों के अनुसार गांव से बरसाती पानी बाहर निकालने के लिए विभाग ने पुलिया बनाई है, लेकिन इसकी क्षमता नदी के बहाव के मुकाबले कम है। सामान्य बारिश में पानी निकल जाता है, लेकिन तेज बारिश में निकासी व्यवस्था जवाब दे देती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान पुलिया में मिट्टी भर जाने से पानी का रास्ता और संकरा हो जाता है। ऐसे में पानी आगे निकलने के बजाय गांव की ओर लौटने लगता है। नियमित सफाई नहीं होने से समस्या और गंभीर हो रही है।
10 घरों में भारी नुकसान
करीब 10 घरों में पानी घुसने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। फर्नीचर, बेड, गद्दे, पेटियां और अलमारियां पानी में भीग गईं। वाशिंग मशीन और अन्य घरेलू सामान भी खराब हो गया। पानी उतरने के बाद प्रभावित परिवार सामान बाहर निकालने, सुखाने और घरों की सफाई में जुटे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और बचत से खरीदा सामान कुछ घंटों की बारिश में खराब हो गया।
ग्रामीण बोले- बारिश के साथ सताने लगती है घर डूबने की चिंता
ग्रामीणों ने कहा कि तेज बारिश होते ही उन्हें घरों में पानी घुसने की चिंता सताने लगती है। उन्होंने पुलिया की क्षमता बढ़ाने, बरसात से पहले उसकी सफाई कराने और बरसाती पानी की निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो अगली तेज बारिश में हालात और खराब हो सकते हैं।