शहर में पानी की किल्लत को देखते हुए पार्कों में रेन वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की योजना है। 14 मई को हुई नगर निगम की हाउस मीटिंग में इस योजना को मंजूरी मिल गई है। सब कुछ ठीक रहा तो नगर निगम इस काम को बहुत जल्द अंजाम देगा। वहीं पंचकूला ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेन वाटर स्टोरज के लिए गांवों में बने तालाबों की साफ सफाई करवाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का इस्टीमेट जल्द तैयार किया जाएगा।
बरसात के मौसम से पहले टैंक बनाने की प्लानिंग
नगर निगम की योजना पार्कों में मानसून से पहले वाटर स्टोरेज टैंक बनवाने की है। टैंकों में इकट्ठे होने वाले बरसाती पानी को पार्क की सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। फिलहाल अभी पीने के पानी का ही पार्कों में इस्तेमाल हो रहा है। रेन वाटर हारवेेस्टिंग सिस्टम की शुरुआत होने के बाद बरसाती पानी की सप्लाई सिंचाई के लिए पार्कों में दिया जाएगा।
बड़े में दो और छोटे पार्कों में एक वाटर टैंक बनेगा
नगर निगम की बड़े पार्कों में दो और छोटे पार्क में एक वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की योजना है। निगम वर्तमान में छोटे बड़े करीब 200 पार्कों की देखरेख कर रहा है। पार्कों के मेंटेनेंस के लिए पार्क डेवलपमेंट कमेटियां बनाई गईं हैं। इन कमेटियों में सेक्टर के आसपास के रहने वाले लोग शामिल हैं। नगर निगम की ओर से हर पार्क के रखरखाव के लिए 3 रुपये प्रति स्क्वायर फुट के हिसाब से पार्क डेवलपमेंट कमेटियों को दे रहा है।
कोट्स
पानी को बचाने के लिए पार्कों में वाटर टैंक बनाए जाएंगे। हाउस की मीटिंग में एजेंडा पास हो चुका है। जल्द इस्टीमेट तैयार कर लिया जाएगा। बड़े पार्कों में दो और छोटे पार्कों में एक वाटर टैंक बनाया जाएगा।
- सुनील तलवार, डिप्टी मेयर नगर निगम पंचकूला।