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रेल रोको आंदोलन : चंडीगढ़-न्यू दिल्ली शताब्दी रद्द, सद्भावना दप्पड़ में रुकी, ट्रेनों के पहिए रुके तो टैक्सी का किराया कई गुना बढ़ा

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पंचकूला। किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते सुबह से शाम तक अंबाला-चंडीगढ़ ट्रैक पर रेल यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान स्पेशल चंडीगढ़-न्यू दिल्ली शताब्दी रद्द कर दी गई। इसका खामियाजा दिल्ली से फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ा। इन लोगों को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से टैक्सी पकड़नी पड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को किसान और किसान समर्थक गांव रायपुर कलां के पास रेलवे फाटक पर धरने पर बैठ गए।
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इस कारण लखनऊ से चंडीगढ़ आने वाली स्पेशल सद्भावना एक्सप्रेस को दप्पड़ के पास रोक दिया गया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों ने चंडीगढ़ आने के लिए रोडवेज की बसों का सहारा लिया। इस दौरान लोगों को काफी परेशानी हुई। सुबह 10.30 बजे तक रेल यात्रियों को बसों में बैठने तक की जगह नहीं मिली तो मजबूरन बसों की छतों पर सवार होकर चंडीगढ़ तक आना पड़ा।
शाम 4.50 पर पहली ट्रेन रवाना हुई
किसानों के रेलवे ट्रैक से उठने के बाद पहली ट्रेन चंडीगढ़ से अमृतसर के लिए स्पेशल चंडीगढ़-अमृतसर शाम 4.50 बजे रवाना हुई। इसके बाद पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, सद्भावना एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों को रवाना किया गया। वहीं कालका नई दिल्ली शताब्दी की रैक अंबाला से शाम करीब 6.45 पर कालका पहुंची। यह ट्रेन कालका से नई दिल्ली के लिए रात करीब 7.30 बजे रवाना हुई। इसके चलते कालका रेलवे स्टेशन ट्रेन की प्रतीक्षा में खड़े यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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1500 से 6000 हजार तक वसूला किराया
चंडीगढ़ से सुबह दस बजे के बाद की ट्रेनें किसान आंदोलन के चलते बाधित होने के बाद चंडीगढ़ से दिल्ली तक जाने वाले यात्रियों से निजी कैब संचालकों ने मनमाना किराया वसूल किया है। कई यात्री तो दिल्ली तक महज 1500 रुपये में पहुंच गए थे। वहीं कई यात्री जिन्हें दिल्ली से फ्लाइट लेनी थी, उन्हें जल्दी दिल्ली तक पहुंचने के चक्कर में टैक्सी 6 हजार रुपये में बुक करनी पड़ी।
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