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Panchkula News: हर ई-रिक्शा पर लगा होगा क्यूआर कोड, स्कैन होते ही ऑटो की पूरी डिटेल होगी मोबाइल में

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अब चालकों को भी रखना होगा ड्राइविंग लाइसेंस
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कई संगीन मामलों में ऑटो चालकों की संलिप्ता सामने आने के बाद अब जालंधर कमिश्नरेट पुलिस नया कदम उठाने जा रही है। यह पंजाब में पहला जिला होगा, जहां हर ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड लगा होगा। ई-रिक्शा पर बैठने वाली सवारी एक क्लिक में ऑटो चालक का ब्यौरा जान लेगी और साथ ही यह भी सामने होगा कि यह ऑटो पुलिस से वैरीफाइड है या नहीं?
इतना ही नहीं, हर ऑटो चालक को ग्रे कलर की शर्ट व साथ में बैच लगाना होगा। उसी नाम प्लेट पर ऑटो की रजिस्ट्रेशन का नंबर भी लगा होगा। अभी तक ई-रिक्शा चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी नहीं था लेकिन अब जालंधर में बिना डीएल के ई-रिक्शा नहीं चलाई जा सकेगी। कमिश्नर पुलिस स्वप्न शर्मा ने तीन राउंड में ऑटो यूनियनों के प्रमुखों के साथ बैठक कर आने वाली दिक्कतों की जानकारी ली है। लाइसेंस बनाने से लेकर क्यू आर कोड लेने की प्रकिया को सरल बनाया जाएगा।
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पुलिस कमिश्नर जालंधर के कार्यालय में शहर के ऑटो यूनियनों के प्रमुखों के साथ बैठक में अमनदीप कौर पीपीएस, एडीसीपी ट्रैफिक, ट्रैफिक पुलिस के सभी जोन इंचार्ज (ईआरएस) शामिल हुए और मंथन किया गया। दरअसल, जालंधर में दो बड़ी वारदात हो चुकी हैं, जिससे पुलिस अधिकारियों का माथा ठनका है। इसमें एक डीएसपी की हत्या व दूसरा एक नर्स की। जालंधर में करीब 1200 ई-रिक्शा हैं, जिनमें कई चालक ऐसे हैं जो बाहरी प्रदेशों से आए हुए हैं। उनका न अता है और न ही पता क्योंकि ई-रिक्शा के लिए अभी तक कोई भी दस्तावेज की जरूरत नहीं होती थी लेकिन अब आरसी से लेकर तमाम रूल फॉलो करने होंगे।
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कमिश्नर शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन की देखरेख में शहर में ऑटो चालकों के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। सभी ऑटो चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किया जाएगा। चालक अपनी पुलिस वेरिफिकेशन को यकीनी बनाएंगे। ऑटो रिक्शा पर एक क्यूआर कोड चिपकाया जाएगा, जिसमें चालक और ऑटो रिक्शा के बारे में जानकारी होगी। सभी ऑटो चालकों के लिए वर्दी अनिवार्य की जाएगी, जिस पर नेम प्लेट लगी होगी।
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