चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाबियों से अपील की है कि वह राज्य में सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के लिए जमीन का सर्वेक्षण करने वाली केंद्रीय टीमों का घेराव करें। पार्टी ने यह भी कहा है कि पंजाब में एसवाईएल का पानी किसी को नही देंगे और इसके लिए वह कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।वीरवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आप सरकार के साथ ही पंजाब भाजपा से केंद्र द्वारा कराए जाने वाले प्रस्तावित सर्वेक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साधने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ की निंदा की। मजीठिया ने किसी भी सर्वेक्षण की अनावश्यक करार देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एसवाईएल नहर के लिए अधिग्रहित 4500 एकड़ से अधिक जमीन 21000 मालिकों को वापस कर दी थी। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि भूजल की कमी के कारण राज्य के 128 ब्लाॅकों में से 109 डार्क जोन में बदल गए हैं।
मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक साजिश के तहत सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल नहर के मुद्दे पर पंजाब के मामले को जानबूझकर कमजोर किया है। जब पंजाब को अपने मामले का दृढ़ता से बचाव करने की जरूरत थी, उस दिन एडवोकेट जनरल का इस्तीफा लेने के अलावा आप सरकार इस बात पर भी सहमत हुई कि उसे एसवाईएल नहर के निर्माण पर कोई आपत्ति नहीं है। यह रिकार्ड में है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नहर के निर्माण में असमर्थता के कारणों के रूप में विपक्ष के साथ-साथ उस जमीन को लौटा दिया था।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए राजस्थान को अतिरिक्त पानी छोड़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि मुख्यमंत्री पंजाब के नदी जल को पड़ोसी राज्यों को सौंपने के लिए तैयार हैं।