उन्होंने कहा कि किफायती मकानों के निर्माण के लिए प्लॉट का अधिक से अधिक साइज 150 वर्ग गज रखा गया है जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए यह साइज 100 वर्ग गज होगा। डेवलपर को प्रोजेक्ट में पार्कों की व्यवस्था करने के अलावा एक कम्यूनिटी सेंटर और व्यापारिक क्षेत्र भी आरक्षित रखना होगा।
अब ईडब्ल्यूएस इकाइयों को सीधे बेच सकेंगे
- स्वेच्छा से किफायती कॉलोनी स्थापित करने वाले डेवलपर अब खुद ही ईडब्ल्यूएस इकाइयों को बेच सकेंगे। इससे पहले पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट-1995 के कारण ये इकाइयां संबंधित स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी को सौंपनी पड़ती थी। वे ही इसकी बिक्री की देखरेख करती थी।
- आम तौर पर किसी कॉलोनी के मामले में मंजूरशुदा बिक्री योग्य क्षेत्र 55 प्रतिशत होता है। किफायती कॉलोनी के डेवलपर के लिए यह दर 60 प्रतिशत रखी गई है।
- यदि कॉलोनाइजर ग्रुप हाउसिंग का विकास करना चाहता है तो अधिक से अधिक जमीनी कवरेज साइट क्षेत्र का 35 प्रतिशत और अधिक से अधिक फ्लोर एरिया दर (एफएआर) साइट क्षेत्र का 1:3 होगा।
- डेवलपर को रिहायशी फ्लैटों की कुल संख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित रखना लाजिमी होगा। इन कॉलोनियों के लिए प्रति व्यक्ति घनत्व का कोई नियम लागू नहीं होगा। इन कॉलोनियों के लाइसेंस देने के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (डीटीसीपी) को अथॉरिटी के रूप में अधिकार दिया गया है।