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एजी को हटाने की मांग : प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- एसआईटी जांच मामले में एजी के कारण पंजाब को हुआ नुकसान

Sun, 18 Apr 2021 09:34 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एजी को हटाए जाने की सीधे तौर पर मांग न करते हुए बाजवा ने यह भी कहा कि एजी की असफलता के कारण सरकार को जो नुकसान हुआ है, बेहतर होगा कि इस गलती को समय रहते सुधार लिया जाए ताकि दोबारा नुकसान होने पर बार-बार सफाई न देनी पड़े।
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राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने अब कोटकपूरा फायरिंग केस में हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी की जांच को रद्द करने के फैसले को लेकर प्रदेश के एडवोकेट जनरल (एजी) पर निशाना साधा है।

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उन्होंने एजी को इस मामले में पूरी तरह असफल अधिकारी करार दिया है। बाजवा का यह बयान कैप्टन के दो दिन पहले दिए उस बयान के बाद आया है जिसमें कैप्टन ने एजी का बचाव करते हुए कहा था कि एसआईटी की जांच संबंधी मामले की पैरवी दिल्ली की लीगल टीम कर रही थी।

एजी को हटाए जाने की सीधे तौर पर मांग न करते हुए बाजवा ने यह भी कहा कि एजी की असफलता के कारण सरकार को जो नुकसान हुआ है, बेहतर होगा कि इस गलती को समय रहते सुधार लिया जाए ताकि दोबारा नुकसान होने पर बार-बार सफाई न देनी पड़े।
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बाजवा ने कोटकपूरा मामले में कहा कि हाईकोर्ट का ताजा फैसला पंजाब के एजी और उनके कार्यालय की बहुत बड़ी असफलता है। आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह और एसआईटी द्वारा पेशेवर और बहुत की कुशलता से की गई जांच के बावजूद एजी और उनके वकीलों की टीम राज्य के हितों की रक्षा करने में असमर्थ साबित हुई।


बाजवा ने कहा कि अब राज्य सरकार को एक नई एसआईटी गठित करनी चाहिए और जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूत जोकि पहले से सरकार और पिछली एसआईटी के पास हैं, को लेकर नई एसआईटी अपनी जांच एक महीने में पूरी करते आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द चालान पेश कर सकती है।

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बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विचार किए जा रहे विकल्पों में एक सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देना भी है लेकिन यह साफ है कि अगर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लग जाती है तब भी अंतिम फैसला आने में समय लगेगा। इस तरह जांच में रुकावट खड़ी होगी और कोटकपूरा केस के पीड़ितों को इंसाफ मिलने में देरी होगी।

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