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पंजाब के सभी कॉलेजों में मेडिकल कोर्स की फीस होगी समान, गेस्ट फैकल्टी को मेटरनिटी लीव

Wed, 20 May 2020 10:38 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पंजाब के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में डॉक्टरी की पढ़ाई की फीसों में समानता लाई गई है। इसके लिए मंगलवार को मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग द्वारा साल 2020 में जारी नोटिफिकेशन में आंशिक संशोधन कर दिया है।
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संशोधित पत्र जारी कर दिए जाने की जानकारी देते हुए मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संबंधी मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि निजी मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा राज्य में फीस संबंधी 2015 में लागू की गईं फीसों के मुकाबले बहुत ज्यादा फीस ली जा रही थी। हालात यह थे कि आदेश यूनिवर्सिटी द्वारा एमडी करने वाले विद्यार्थियों से 6.50 लाख सालाना फीस लेने की बजाय 16.50 लाख फीस ली जा रही थी। इस कारण डॉक्टरी की शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों पर बहुत ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ रहा था।

सोनी ने कहा कि अब दयानंद मेडिकल कालेज लुधियाना, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज लुधियाना और क्रिश्चियन डेंटल कॉलेज लुधियाना, श्री गुरु रामदास यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसेज अमृतसर, देश भगत यूनिवर्सिटी और आदेश यूनिवर्सिटी बठिंडा में अब एमडी / एमएस (क्लिनिकल) कोर्सों के लिए फीस 6.50 लाख सालाना होगी, जबकि एनआरआई कोटे की सीट के लिए इस पूरे कोर्स की फीस 1.25 लाख अमरीकी डॉलर है।
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राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहा विपक्ष : सोनी
सोनी ने बताया कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया और आप द्वारा इस संबंधी कभी भी विधानसभा में मुद्दा नहीं उठाया गया। इन पार्टियों के नेताओं ने न ही कभी उनके साथ इस बारे में बात की। अब जब संशोधन पत्र जारी हो गया है तो इन पार्टियों के नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए दिखावे के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस मामले में सरकार की विरोधी पार्टियों को सराहना करनी चाहिए, उस मामले पर बेकार की बयानबाजी करके अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं।
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गेस्ट फैकेल्टी लेक्चररों को मिलेगा 180 दिन मैटरनिटी लीव का लाभ

पंजाब के सरकारी कॉलेजों में काम करने वाले गेस्ट फैकेल्टी लेक्चररों की मांग को मानते हुए सरकार ने उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर मैटरनिटी लीव का लाभ देने का फैसला लिया है। उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने बताया कि इस फ़ैसले से राज्य के 1000 से अधिक लेक्चररों को लाभ मिलेगा।

 बाजवा ने बताया कि अब गेस्ट फैकेल्टी लेक्चररों को मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के अनुसार अधिकतम 180 दिन की छुट्टी मिल सकेंगी। लेक्चररों की मांग थी कि उन्हें यह लाभ दिया जाए। जब उनके ध्यान में यह मामला लाया गया तो उन्होंने विभाग के अधिकारियों को तुरंत इस फैसले को लागू करवाने के लिए कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा था।

उन्होंने साथ ही बताया कि छुट्टी का लाभ पहले नियमित और अंशकालिक लेक्चररों को ही मिलता था, लेकिन अब इस फैसले के लागू होने से गेस्ट फैकल्टी लेक्चररों को भी इसका लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री की हिदायतों के अनुसार श्रम और वित्त विभाग के पास मामला गंभीरता से उठाया गया।
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