चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
मजीठिया ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में नियमित जमानत देने की मांग की है। याचिका में मजीठिया ने दावा किया है कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने इसे सरकार द्वारा उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया। मजीठिया के अनुसार वह सत्तारूढ़ दल की नीतियों के कटु आलोचक रहे हैं और इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।
एफआईआर 25 जून को सुबह 4:30 बजे मोहाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। मजीठिया ने याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें सुबह 9 बजे उनके आवास से हिरासत में ले लिया गया था, जबकि उनकी औपचारिक गिरफ्तारी 11:20 बजे दिखाई गई। प्राथमिक जांच के बाद मोहाली की अदालत ने उन्हें पहले छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। इसके बाद 6 जुलाई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।