चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने अपने वीवीआईपी नेताओं के लंबे सफर को आसान और आरामदायक बनाने के लिए एक 8-10 सीटों वाला विमान किराए पर लेने का फैसला किया है लेकिन यह फैसला विवाद में फंस गया है। इस संबंध में नागरिक उड्डयन विभाग के टेंडर को एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड करते ही पंजाब पुलिस ने ट्वीट के जरिये ही आरटीआई कार्यकर्ता को तुरंत अपना ट्वीट डिलीट करने की चेतावनी दी। हालांकि आरटीआई कार्यकर्ता ने पंजाब पुलिस पर उलटे सवाल दागते हुए ट्वीट डिलीट करने से इन्कार कर दिया।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने छह माह के लिए किराए पर लिए जाने वाले 8-10 सीटर विमान के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के जरिये टेंडर जारी किया है। विमान के साथ ही उसके क्रू-मेंबर भी हायर किए जाएंगे। संबंधित कंपनियां इसके लिए eproc.punjab.gov.in पोर्टल पर ई-बोली लगा सकती हैं। इस टेंडर की जानकारी जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने अपने ट्वीट के लिए सार्वजनिक की तो पंजाब पुलिस ने अपने अधिकारिक एक्स हेंडल पर ट्वीट डीलेट करने की चेतावनी जारी की। पुलिस की ओर से कहा गया कि ट्वीट किया गया दस्तावेज खुफिया और सुरक्षा से संबंधित दस्तावेज है और राज्य प्रशासन के लिए खतरा है। लेकिन इसके जवाब में आरटीआई कार्यकर्ता भी खुलकर मैदान में आ गया, उन्होंने पुलिस को जवाब दिया कि जो दस्तावेज पब्लिक डोमेन में है, वह खुफिया कैसे हो सकता है और सरकार ने ही इसे टेंडर के रूप में सार्वजनिक किया है।
दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता ने ट्वीट किया- एक और वीवीआईपी विमान का टेंडर भगवंत मान सरकार ने निकाला है ताकि केजरीवाल को कैंपेन के लिए अन्य राज्यों में घुमाया जा सके। पंजाब बहुत छोटा है। कभी भी किसी मुख्यमंत्री ने विमान का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि पंजाब में विमान काम ही नहीं आ पाता। पंजाब के पास हेलिकाॅप्टर है जिसका इस्तेमाल अन्य मुख्यमंत्री करते थे और भगवंत मान इसका मजाक उड़ाते थे। आरटीआई कार्यकर्ता ने एक अन्य ट्वीट में लिखा- आज कल भी केजरीवाल जो विमान इस्तेमाल कर रहे हैं, वह पंजाब के लोगों के टैक्स के पैसे का है। यूं ही नहीं डेढ़ साल में बिना कुछ बनाए 50 हजार करोड़ का कर्ज लिया गया।