चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्टैक्ट वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली बैठक एक बार फिर टलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 2 अक्तूबर को विरोध प्रदर्शन का एलान कर दिया है। यूनियन ने कहा है कि 2 अक्तूबर को पटियाला में आम आदमी पार्टी (आप) की रैली में लोगों को पहुंचाने के लिए सरकारी बसों का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा और कॉन्टैक्ट कर्मचारी 2 अक्तूबर को नियमित रूटों पर ही बसें चलाएंगे। इसके साथ ही यूनियन ने 2 अक्तूबर को पटियाला में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का भी फैसला किया है।पंजाब सरकार की तरफ से शुक्रवार को ट्रांसपोर्ट विभाग के कॉन्टैक्ट वर्कर्स यूनियन की मुख्यमंत्री के साथ बैठक तय की गई थी लेकिन ऐन मौके पर इसको रद्द कर बैठक के लिए 4 अक्तूबर की नई तारीख देते हुए वित्त मंत्री के साथ बैठक तय कर दी गई। इस पर यूनियन के नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है। यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल, प्रदेश सीनियर उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विकी, प्रदेश सचिव शमशेर सिंह ढिल्लों और संयुक्त सचिव जगतार सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मानी जा चुकी मांगें लागू करने में टालमटोल कर रही है और अब तक मुख्यमंत्री भी कर्मचारियों से बातचीत करने से मुकर गए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी जानबूझकर कर्मचारियों को परेशान करके आंदोलन छेड़ने के लिए उकसा रहे हैं।
यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह ने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग के रवैये को देखते हुए अब उनकी यूनियन 2 अक्तूबर को होने वाली सरकार की रैली में ड्यूटी न देकर जनता की सुविधा के लिए सरकारी बसों को नियमित रूटों पर चलाएंगे। अब कोई भी सियासी रैली हो या सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा कोई काम हो, कर्मचारी किसी तरह का सहयोग नहीं देंगे और केवल जनता के प्रति अपनी रूट ड्यूटी ही करेंगे। रेशम सिंह ने यह भी एलान किया कि यूनियन की तरफ से 2 अक्तूबर को पटियाला में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा।
गौरतलब है कि पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्टैक्ट वर्कर्स यूनियन ने इस साल 15 अगस्त को गुलामी दिवस मनाते हुए मुख्यमंत्री के घेराव का ऐलान किया था। इस पर पटियाला प्रशासन ने 25 अगस्त को उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक का भरोसा देकर यूनियन के आंदोलन का स्थगित करा दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक की तारीख बदलकर 14 सितंबर तय कर दी गई, जिस पर यूनियन ने 20 सितंबर को चक्का जाम कर दिया। तब यूनियन को फिर से 29 सितंबर की तारीख मुख्यमंत्री के साथ बैठक के लिए दी गई, जिसे शुक्रवार को फिर से बढ़ाया गया।