पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को सरकारी कॉलेजों में 1091 असिस्टेंट प्रोफेसर और 67 लाइब्रेरियन की नियुक्ति प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कर इन पदों को जल्द भरने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने पिछले महीने नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द किया था और अब इस मामले में विस्तृत आदेश जारी हुआ है।
हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को 8 अगस्त को रद्द कर दिया था। नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ गत वर्ष कई याचिकाएं दायर कर दी गई थीं। कोर्ट को बताया गया था कि पंजाब सरकार ने 19 अक्तूबर 2021 को राज्य के सरकारी कॉलेजों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है। इसके अनुसार उन आवेदकों को प्रतिवर्ष के अनुसार अनुभव का एक अंक दिया जाना तय किया गया था। यह लाभ उन शिक्षकों व लाइब्रेरियन के लिए था जो पहले ही किसी सरकारी कॉलेज में पार्ट टाइम, गेस्ट फैकल्टी व कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं। इस तरह अधिकतम 5 अंक तय किए गए थे। सरकारी अनुदान प्राप्त कॉलेजों और अन्य किसी भी कॉलेज में पार्ट-टाइम, गेस्ट फैकल्टी व कांट्रैक्ट पर कार्यरत होने की स्थिति में यह लाभ नहीं दिया जा रहा था।
याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियम पूरी तरह से गलत है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि यह राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वह छात्रों के हित में बेहतर टैलेंट की नियुक्ति करे। भर्ती को रद्द करने का आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि व्यापक जनहित के लिए शिक्षकों के पदों को भरना जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को बिना देरी किए ये पद भरने का आदेश दिया है।