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पंजाब जेल विकास बोर्ड संबंधी बिल को मिली मंजूरी

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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को सदन में सरकार की ओर से पंजाब जेल विकास बोर्ड बिल, 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इस बिल पर सदन में बहस के दौरान जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह ने माना कि सूबे की जेलों में कैदियों को दिया जा रहा खाना काफी खराब है और कैदियों के लिए अन्य सुविधाओं में भी सुधार की व्यापक जरूरत है।
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इस बिल पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब की जेलों में कुछ लोगों को साम्राज्य चल रहा है। जब भी चेकिंग के लिए मंत्री या कोई जज वहां जाते हैं तो जेल के अंदर विभाग द्वारा कुछ चहेतों को आगे कर दिया जाता है जो चेकिंग करने आने वालों को बताते हैं कि जेल के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने कहा कि जेल में एचआईवी के मरीजों की संख्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि जो कैदी नशा करते हैं उन्हें 500 रुपये में सीरिंज मिलती है और वे एक ही सिरिंज का कई-कई बार इस्तेमाल करते हैं और एचआईवी का शिकार हो जाते है। उन्होंने जेलों की कैंटीन में धांधली का मुद्दा भी उठाया। बैंस ने कहा कि जेलों के अंदर प्रति कैदी के खाने पर जितना खर्च दिखाया जाता है, उतने पैसे में एक अच्छे ढाबे पर पौष्टिक खाना मिल जाता है। इसके अलावा जेल के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं का मुद्दा उठाते हुए बैंस ने कहा कि जब तक कैदी के बीमार होने की सूचना जेल स्टाफ को मिलती है 15 से 20 मिनट गुजर जाते है। बैंस ने कहा कि अकसर जेलों के अंदर से मोबाइल फोन मिलने की घटनाएं सामने आती हे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर जेलों में पीसीओ की संख्या को बढा दी जाए तो ऐसी घटनाएं कम हो जाएंगी।
इस पर जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि जेल में कैदियों के नेक्सस को तोड़ने के लिए विभाग ने उचित कदम उठाए हैं। उन्होंने सदन में यह बात स्वीकार की कि जेलों में अच्छा खाना नहीं दिया जा रहा, जिसके बारे में जेल मंत्री ने खुद औचक निरीक्षण के दौरान मामले पकड़े हैं। उन्होंने बताया कि वे एक जेल में सुबह 7 बजे पहुंचे तो वहां कैदियों के लिए बना खाना खाकर देखा, जो बिल्कुल खाने लायक नहीं था। जेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने वह खाना जेल सुपरिटेंडेंट को भी खाने को कहा। उन्होंने जेल में पीसीओ के मुद्दे पर कहा कि पहले कैदियों को पीसीओ के जरिए दो मिनट बात करने की इजाजत थी, जिसे बढाकर 15 मिनट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जेलों में पीसीओ की संख्या बढ़ाते हुए प्रत्येक बैरक के बाहर दो पीसीओ लगाने का फैसला किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जेल की चेकिंग के दौरान वे उन लोगों से बात नहीं करते जिन्हें उनसे सामने खड़ा किया जाता है बल्कि उस अंतिम व्यकित से सारा हाल पूछते हैं, जो बिल्कुल अंत में चुपचाप बैठा दिखाई देता है। जेल मंत्री ने कहा कि जेल विकास बोर्ड बनने से जेलों के सुधार के लिए 90 लाख रुपये मिलेंगे।
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