सार्वजनिक कार्यों को पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से लागू करने के अलावा सटीक योजनाबंदी, डिजाइनिंग, अनुमान को यकीनी बनाने के लिए पंजाब कैबिनेट ने मृदा व जल संरक्षण विभाग में डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, निगरानी और मूल्यांकन विंग की स्थापना को मंजूरी दे दी। इस संबंध में शनिवार को शाम पंजाब भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग के दौरान फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मृदा व जल संरक्षण विभाग के मुख्यालय में डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, निगरानी और मूल्यांकन विंग की स्थापना की जा रही है। इस विंग को बनाने से कोई अतिरिक्त सरकारी खर्च नहीं आएगा, लेकिन विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही बनाने के साथ-साथ सही योजनाबंदी, डिजाइनिंग और अनुमान लागू करके जनता के पैसों की बचत करने में मदद मिलेगी। यह किसान समुदाय विशेषत: छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी मददगार होगा जो अक्सर सरकारी लाभ से वंचित रहते हैं, क्योंकि योग्य नियमबद्ध योजनाबंदी और डिजाइनिंग के कारण कोई भी किसान सरकारी प्रोजेक्टों से वंचित नहीं रहेगा।
इसके साथ ही मृदा व जल संरक्षण विभाग में उचित सिंचाई प्रणाली के लिए कैबिनेट ने माइक्रो इरिगेशन (एमआई)-स्पेशल व्हीकल (एसपीवी) स्थापित करने को भी हरी झंडी दे दी है। प्रवक्ता ने कहा कि सार्वजनिक हितों में इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभाग में संगठनात्मक तबदीलियों की जरूरत है और माइक्रो इरिगेशन क्षेत्र में अपेक्षित योग्यता और तजुर्बा रखने वाले व्यक्ति को विभाग में नामांकन/अतिरिक्त चार्ज के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वह इस एसवीपी का प्रमुख होगा और राज्य में माइक्रो सिंचाई प्रोग्राम को लागू करने के लिए विंग के जरूरी संगठनात्मक ढांचे की स्थापना करेगा।
उप-तहसील टांडा और आदमपुर को किया तहसील/सब-डिवीजन के रूप में अपग्रेड
होशियारपुर की सब-तहसील टांडा और जालंधर की सब-तहसील आदमपुर को मंत्रिमंडल ने तहसील/सब-डिविजन के तौर पर अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। अपग्रेड की गई तहसील/सब-डिविजन टांडा में पांच कानूनगो सर्कल, 47 पटवार सर्कल और 133 गांव होंगे, जबकि आदमपुर में छह कानूनगो सर्कल, 60 पटवार सर्कल और 161 गांव शामिल होंगे।
पंजाब डेंटल एजुकेशन (ग्रुप-ए) सेवा (संशोधन) नियम 2021 को मंजूरी
कैबिनेट ने डेंटल काउंसिल आफ इंडिया नई दिल्ली के नियमों के अनुसार, पंजाब डेंटल ऐजूकेशन (ग्रुप -ए) सर्विस (संशोधन) नियम, 2021 को मंजूरी दे दी है। यह फैसला राज्य भर के सरकारी डेंटल कालेजों में मेडिकल फैकल्टी के खाली पड़े पदों को भरने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे विद्यार्थियों को मानक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ मरीजों के दांतों का बढ़िया इलाज मुहैया करवाया जा सकेगा।