चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत आगामी वित्त वर्ष के लिए सूबा सरकार ने 2000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान कर दिया है जो गत वर्ष 1200 करोड़ था। इस योजना का लाभ पंजाब के सभी परिवारों को मिलेगा।
पंजाब में स्वास्थ्य सुविधाओं का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए सीएम ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए प्रदेश सरकार की योजना को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मॉडल बताया। इस योजना के तहत हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये का सरकारी व निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। इस योजना के तहत 25 लाख लोग पंजीकृत हो चुके हैं जबकि 1.60 लाख इलाज ले चुके हैं।
अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस योजना के बारे में गलत जानकारी फैला रही हैं। ऐसे तत्वों का उद्देश्य लोगों को इसके लाभ से वंचित करना है जो अनुचित है। ऐसे लोग पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते।
सीएम मान ने बताया कि जिला अस्पतालों तथा 42 में से 33 सब-डिविजनल अस्पतालों में हॉटलाइन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। शेष अस्पताल मई तक हॉटलाइन सेवाओं से जुड़ जाएंगे। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर भी अभी तक 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
डायलिसिस सेवाओं का विस्तार
सीएम ने बताया कि पंजाब में स्वास्थ्य महकमे ने डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया गया है और क्षमता बढ़ाकर 4800 कर दी गई है। इससे प्रतीक्षा समय कम हुआ है। देश में पहली बार सितंबर से मार्च 2026 के बीच एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग की गई जिसमें 9,294 महिलाओं की स्तन कैंसर के लिए जांच की गई। मिशन अमृत के तहत पंजाब स्टेमी प्रोजेक्ट को दिल के दौरे के मरीजों की देखभाल के लिए 23 जिलों में लागू किया गया है।