पुलिस के रोकने पर शिक्षक नारेबाजी करते हुए।
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लंबे समय से नौकरी के लिए जद्दोजहद कर रहे कंप्यूटर टीचर्स सोमवार को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले। पहले से ही तय कार्यक्रम के अनुसार जैसे ही शिक्षक पंचकूला धरना स्थल से मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़े तो बीच रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस और टीचर्स के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
कंप्यूटर टीचर्स के रोष को देखते हुए प्रशासन ने शिक्षकों को मुख्यमंत्री से बैठक करवाने का वादा किया। टीचर्स अड़े रहे। इसके बाद कुछ ही लोगों को मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने दिया गया। वहां पहुंचने पर पता चला मुख्यमंत्री नहीं आज मिल पाएंगे। इसके बाद सीएम की जगह ओएसडी भूपेंदर सिंह से मुलाकात करवाई गई। करीब आधे घंटे चली बैठक में ओएसडी ने पूरे मामले को समझते हुए तीन दिन के अंदर मुख्यमंत्री से बातचीत कर समस्या हल करने का आश्वासन दिया है।
एक जुलाई से होगा स्कूलों का ऑनलाइन काम ठप
एक ओर जहां भाजपा सरकार शिक्षा को डिजिटल करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग ने स्कूलों से कंप्यूटर टीचर्स व लैब सहायक के साथ-साथ स्कूल इन्फार्मेशन मैनेजरों की भी छुट्टी कर दी है। ऐसे में एक जुलाई से स्कूल खुलने पर विभाग के ऑनलाइन का पूरा काम ठप हो जायेगा। कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रेस प्रवक्ता सुरेश नैन ने कहा सरकार को जल्द से जल्द हटाए गए सभी कर्मचारियों को दोबारा नियुक्ति देकर हजारों बच्चों के भविष्य को बचाने के बारे में सोचना चाहिए।