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अवैध कालोनियों में सीवरेज लाइन डालने की होगी जांच

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हरियाणा की अवैध कालोनियों में अमरुत योजना के तहत सीवरेज लाइनें डालने वाले शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों की अब खैर नहीं है। निकाय मंत्री अनिल विज अवैध कालोनियों में सीवरेज लाइनें डालने की जांच कराएंगे। इसके लिए बकायदा जांच समिति गठित की जाएगी। जांच में आरोप साबित होने पर दोषियों के खिलाफ आवश्यकतानुसार कार्रवाई होगी। अनिल विज ने यह घोषणा रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा के सवाल के जवाब में की। बत्रा ने सवाल उठाया था कि रोहतक की अवैध कालोनियों में कैसे अमरुत योजना के तहत सीवरेज लाइनें डाल दी गईं। एक तो निजी एजेंसी को काम सौंपा गया, दूसरा डीपीआर के अनुसार आवंटित कार्य से अधिक काम मौके पर किया गया। इसकी जांच कमेटी बनाकर कराई जाए। विज ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायत आने पर अवश्य जांच होगी। रोहतक में डीपीआर से बाहर जाकर कैसे काम किया गया, इसकी तह तक जाएंगे। अमरुत योजना में प्रदेश की 18 पालिकाओं को शामिल किया गया है। दो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल आपूर्ति योजना के लिए 97.90 करोड़ रुपये और सीवरेज योजना के लिए 195.43 करोड़ रुपये की राशि को सक्षम प्राधिकारी ने रोहतक शहर के लिए मंजूर की है। रोहतक के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक जलापूर्ति पाइप लाइन 104.461 मीटर और सीवरेज सिस्टम पाइप लाइन 93.775 मीटर बिछाई जा चुकी है। रोहतक शहर के लिए अमरुत परियोजना के तहत केंद्र सरकार से अब तक 56.601 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है और 37.734 करोड़ रुपये की राशि अभी बकाया है।
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कालोनियों में टलेगा 33 व11 केवी लाइनों का खतरा
हरियाणा सरकार ने कालोनियों या घरों के ऊपर से गुजरने वाली खतरनाक 33 व 11 केवी की लाइनों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। इसमें लोगों से कोई राशि नहीं ली जाएगी। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने प्रश्नकाल में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 46.84 करोड़ रुपये की लागत से अब तक 11 केवी की 779 खतरनाक लाइनों व 33 केवी की 25 लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 11 केवी की 600 खतरनाक लाइनों व 33 केवी की 12 लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य प्रगति पर है।
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