फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रोसिडिंग रजिस्टर 2007 से गायब, घोटाले की आशंका

विज्ञापन
विज्ञापन
कालका /पिंजौर। नगर पालिका पिंजौर का प्रोसिडिंग रजिस्टर 2007 से गायब है। अधिकारियों की इस लापरवाही ने करोड़ों के घोटाले की आशंका को जीवित कर दिया है। उक्त शब्द राज्य सरकार में चेयरमैन रह चुके व कांग्रेस नेता व एडवोकेट नेता विजय बंसल ने कहे।
विज्ञापन

दरअसल दीपांशु बंसल ने आरटीआई के तहत नगर पालिका पिंजौर के प्रोसिडिंग रजिस्टर की कापी मांगी थी। इस कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कालका ने जवाब दिया है कि प्रोसिडिंग रजिस्टर तो 2007 से ही गायब है। बंसल ने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि प्रोसिडिंग रजिस्टर गायब है और अधिकारियों को इस बात से कोई सरोकार ही नहीं है कि आखिर रजिस्टर कहा गया। उन्होंने अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक तरफ गृहमंत्री अनिल विज को पत्र भेजकर मामले की जांच करने के लिए आग्रह किया है वहीं, दूसरी तरफ हरियाणा विजिलेंस विभाग के डीजीपी को भी एक पत्र भेज दिया है।
अधिकारियों को पत्र भेजकर की खानापूर्ति
तत्कालीन अधिकारियों की ओर से केवल मात्र 22 अक्तूबर 2007 को पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर खानापूर्ति कर ली गई जबकि एक कार्यालय के प्रोसिडिंग रजिस्टर के गायब होने के कारणों की न तो जांच की गई व न ही गायब करने वालों का पता लग सका। बंसल का कहना है कि इस बात में कोई संदेह नहीं हो सकता कि यह पत्र आगे पुलिस अधिकारियों को भेजा भी गया हो या नहीं, क्योंकि यदि पत्र जाता तो कार्रवाई होती जोकि नहीं हुई। बंसल का कहना है कि उन्हें आशंका है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोग व तत्कालीन कमेटी के अधिकारी इस घोटाले में संलिप्त हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें