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डंपिंग ग्राउंड का रास्ता अधूरा, बीच में गिर रहा कूड़ा

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माता मनसा देवी को जाने वाली रोड पर पड़ा कचरा। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। शहरवासियों को अभी कूड़े की समस्या से निजात नहीं मिलेगी। उन्हें राहत के लिए करीब पांच से दस दिन और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि, नगर निगम द्वारा 24 घंटे में केवल 225 टन कूड़ा ही उठाया गया है। शहर के अंदर 11 दिन बाद भी 1275 टन कूड़े का ढेर लगा हुआ है। पंचकूला नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल ने वीरवार को दावा किया था कि झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा गिराने के लिए नया रास्ता बनकर तैयार हो गया है। यदि बारिश न हुई तो 24 घंटे के अंदर सारा कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में पहुंच जाएगा। लेकिन, उनके दावों की पोल डंपिंग ग्राउंड को जाने वाला रास्ते के कारण खुल गई।
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नगर निगम के अधिकारी शुक्रवार सुबह चार बजे तक मौके पर ही डटे रहे, लेकिन रास्ते का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में सफाई कर्मचारियों ने शहर के अंदर से कूड़ा उठाकर बीचे रास्ते में ही गिराना शुरू कर दिया, जिससे पंचकूला-यमुनानगर हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ा। गांव झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड को जाने वाले रास्ते का निर्माण कार्य शुक्रवार बाद दोपहर करीब सवा चार बजे पूरा है। इसके बाद पहली कूड़े की ट्राली डंपिंग ग्राउंड में पहुंची, लेकिन जैसे ही वह डंपिंग ग्राउंड की ओर बढ़ी दलदल होने के कारण वह बीच में फंस गई।
उसे निकालने के लिए निगम अधिकारियों को एक जेसीबी को मंगवानी पड़ी। इस डर के चलते अन्य ट्रैक्टर चालकों ने डंपिंग ग्राउंड में प्रवेश करने से गुरेज किया और उन्होंने कूड़े की ट्राली काफी आगे ही पलटनी शुरू कर दी। इस कूड़े को हटाकर डंपिंग ग्राउंड में गिराने के लिए अधिकारियों को स्थायी तौर पर एक जेसीबी मौके पर ही तैनात करनी पड़ी। लेकिन, शुक्रवार शाम को बरसात होने के कारण शहर से कूड़ा उठान और डंपिंग ग्राउंड में गिराने का कार्य एक बार फिर बाधित हो गया।
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डंपिंग ग्राउंड रास्ते के निर्माण में नाला बना बाधा
पंचकूला-यमुनानगर को जाने वाले हाईवे से गांव झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड को जाने वाले रास्ते के बीच में दो नाले आते हैं। जिसमें पहाड़ों से बरसात का पानी होकर घग्गर नदी में गिरता है। जिस स्थान से नाला गुजरता है वह बहुत नीचा है। जिसे नगर निगम अधिकारियों ने मिट्टी और पत्थर डालकर कुछ हद तक ऊंचा किया है। लेकिन एक नाला डंपिंग ग्राउंड के बीच से गुजरता है, जिसमें पानी भरा हुआ है। इस नाले को भी मिट्टी डालकर बंद किया गया है। लेकिन नाले में मिट्टी पड़ने से वह दलदल के रूप में तब्दील हो गया है, जिसके चलते ट्रैक्टर-ट्राली फंस रहे हैं।
रास्ता बनाने के लिए उखाड़े कई पेड़
झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड का नया रास्ता बनाने के लिए नगर निगम द्वारा कई पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। वहीं, डंपिंग ग्राउंड के चलते आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में जंगल और जीवों को नुकसान पहुंच सकता है। इतना ही नहीं डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला पानी भी घग्गर नदी को दूषित कर सकता है। इस मामले का शहर के लोगों ने भी चिंता व्यक्त की है।
सैनिटेशन कमेटी के सदस्यों ने किया निरीक्षण
नगर निगम मेयर कुलभूषण गोयल द्वारा गठित की गई सैनिटेशन कमेटी की सदस्य वार्ड नंबर-7 की पार्षद ऊषा रानी और वार्ड नंबर-9 के पार्षद राजेश कुमार ने झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड का शाम साढ़े चार बजे दौरा कर वहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षद राजेश कुमार ने एसआई अजय सूद को फोन न उठाने पर जमकर फटकार लगाई। वह वार्ड में सफाई न होने को लेकर लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन एसआई द्वारा उन्हें कोई रिस्पांस नहीं दिया जा रहा था। वहीं, पार्षद ऊषा रानी ने नाले के बीच में डंपिंग ग्राउंड बनाने के फैसले को अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि बरसात आने पर नाले के पानी के साथ कूड़ा बहकर घग्गर नदी को भी दूषित करेगा। वहीं उन्होंने रास्ते के किनारे कूड़ा गिराने के मामले पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने इस मामले को लेकर कार्यकारी अभियंता संजीव गुप्ता, एसडीओ एमपी शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक अविनाश, एसआई अजय सूद और जसवीर गोयल से बातचीत की।
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