चंडीगढ़। पंजाब के स्कूलों में बच्चों को तेलुगु भाषा का सामान्य ज्ञान देने के लिए इसे पढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिसका डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने विरोध किया है।
उनका कहना है कि पंजाबी भाषा में बच्चे फेल हो रहे हैं, बावजूद इसके उन पर चौथी भाषा का बोझ डाला जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के आदेश अनुसार 26 मई से 5 जून तक छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए भारतीय भाषा समर कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उन्हें तेलुगु भाषा की जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों का आदेश में हवाला दिया गया है, लेकिन शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के प्रदेश प्रधान दिग्विजय पाल शर्मा ने कहा कि पंजाब में 12वीं कक्षा के 3800 से अधिक और 10वीं कक्षा के 1500 विद्यार्थी पंजाबी भाषा में फेल हो गए हैं, जबकि शिक्षा विभाग अब विद्यार्थियों को तेलुगु भाषा पढ़ाने के लिए शिक्षकों को आदेश दे रहा है। जब विद्यार्थी अपनी मातृभाषा पंजाबी में पिछड़ रहे हैं, तो चौथी भाषा का बोझ शिक्षकों पर डालना पूरी तरह से गलत है। दिग्विजयपाल ने कहा कि इस तरह शिक्षकों को और कार्यों में उलझाना पूरी तरह से गलत है।