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बीबीएमबी में पंजाब की स्थायी सदस्यता खत्म करने पर भड़के आप के प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान

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भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब की स्थायी सदस्यता खत्म करने की केंद्र की तैयारी पर आप प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्यों के अधिकार छीनने में कांग्रेस से भी आगे भारतीय जनता पार्टी निकल रही है। उन्होंने केंद्र के इस कदम को भारत की संघीय व्यवस्था पर सीधा आघात बताया है।
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आप के पार्टी मुख्यालय से शुक्रवार को जारी बयान में मान ने कहा कि बीबीएमबी प्रबंधन में पंजाब के स्थायी प्रतिनिधित्व को खत्म करना केंद्र की साजिश का हिस्सा है जिससे जनता को अवगत होने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नवीनतम सहित पिछले सभी पंजाब विरोधी फैसलों की समीक्षा करने और पंजाब के अधिकारों को बहाल करने की अपील की। मान ने कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार त्याग कर बीबीएमबी के नियमों में मनमाने फैसले लेने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीबीएमबी पंजाब ऐसा प्रबंधन है, जिसे पंजाब से बाहर करने की सैकड़ों साजिशें रची गई। पहले केंद्र में काबिज कांग्रेस की सरकारों ने किया, अब भाजपा की मोदी सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है। भगवंत मान ने कहा कि बीबीएमबी प्रबंधन में पंजाब के प्रभुत्व कम करने के लिए केंद्र की भाजपा और कांग्रेस की सरकारों के साथ साथ पंजाब पर दशकों से शासन करती आ रही कांग्रेस, कैप्टन और अकाली दल की सरकारें भी बराबर जिम्मेदार है।
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पंजाब की लूट के खिलाफ इन सरकारों ने कभी आवाज नहीं उठाई, क्योंकि उनके लिए हमेशा ही पंजाब और पंजाबियों की तुलना में अपने व्यक्तिगत हित सबसे पहले रहे हैं। जिसका खामियाजा आज पंजाब और पंजाबियों को उठाना पड़ रहा है। भगवंत मान ने कहा कि वह इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएंगे। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को आम आदमी पार्टी के पक्ष में पंजाब के लोगों द्वारा फतवे की घोषणा के बाद पंजाब के अधिकारों से जुड़े सभी मुद्दों को केंद्र सरकार के सामने गंभीरता से उठाया जाएगा और पंजाब के हितों की रक्षा की जाएगी।
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