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प्रताप बाजवा ने बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड पर कैप्टन को पत्र लिखा, कहा- तत्काल सांसदों की बैठक बुलाएं

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चंडीगढ़। कोविड संकट पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा वीरवार को बुलाई गई पंजाब के कांग्रेस सांसदों की बैठक के अगले ही दिन, राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड के मुद्दे पर कैप्टन को पत्र लिखकर तत्काल सांसदों की बैठक तुरंत बुलाने की मांग की है।
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कैप्टन की कार्यप्रणाली पर समय-समय पर उंगली उठाते रहे प्रताप बाजवा ने वीरवार की बैठक में जब मुख्यमंत्री को कोविड के मसले पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया, तब यह अनुमान लगाए जाने लगे थे कि बाजवा का कैप्टन के प्रति रुख नरम हुआ है। हालांकि कोटकपूरा गोलीकांड पर एसआईटी की रिपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषियों को सजा और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की मांग की थी।
शुक्रवार को लिखे पत्र में बाजवा ने कहा कि मैं यह पत्र लिखते हुए बहुत दुखी हूं क्योंकि पिछली बैठक रद्द होने के बाद बरगाड़ी, बहिबल कलां और कोटकपूरा हिंसा की घटनाओं पर विचार-विमर्श के लिए पंजाब के सांसदों की कोई बैठक नहीं बुलाई गई। हाईकोर्ट का फैसला यह सुनिश्चित करने में एक बड़ा झटका है कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को सजा दिलाई जाए क्योंकि यह मुद्दा राज्य के लोगों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सांसदों की एक बैठक 4 मई को बुलाई गई थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण उसे रद्द कर दिया गया।
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वीरवार की बैठक में इसलिए नहीं उठाया मुद्दा : बाजवा ने कहा कि कोविड महामारी की गंभीरता को देखते हुए ही उन्होंने वीरवार को हुई बैठक में इस मुद्दे को नहीं उठाया था। महामारी जहां जीवन का प्रश्न है, वहीं बेअदबी का मामला हमारी पहचान से जुड़ा है। हम पंजाब के लोगों से किए वादों को भूल नहीं सकते। बैठक में विचार के लिए जस्टिस (रिटायर्ड) रणजीत सिंह, जिन्होंने जांच आयोग की अगुवाई की थी, जस्टिस (रिटायर्ड) महताब सिंह गिल, डीजीपी दिनकर गुप्ता और एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को भी बुलाया जाए।
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