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गृह जिलों में पद खाली फिर भी कोसों दूर तैनात ६००० गेस्ट टीचर्स

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चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 6000 गेस्ट टीचर गृह जिले में पद खाली होने के बावजूद कोसों दूर नौकरी कर रहे हैं। नियुक्ति के बाद गृह जिले में इनके तबादले नहीं किए गए। भविष्य में भी इन्हें घर के पास तैनाती की संभावना नहीं दिख रही। लंबे समय से गेस्ट टीचर तबादलों सहित अनेक मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे हैं।
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गेस्ट टीचर्स ने शनिवार से प्रदेश में पक्ष, विपक्ष के विधायकों को महिला शिक्षकों के खून से लिखे मांगपत्र सौंपने शुरू किए। रविवार को भी यह क्रम जारी रहेगा। सीएम मनोहर लाल के नाम लिखे इन पत्रों में बीते 8 सितंबर को मानी गई सेवा नियम में पक्के शिक्षकों के समान लाभ, नियमितीकरण व मूल वेतन देने की मांग शामिल की गई है। साथ ही जुलाई से लंबित 3 प्रतिशत डीए देने का आग्रह भी किया गया है।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघर्ष समिति की राज्य प्रधान मैना यादव व प्रधान महासचिव पारस शर्मा ने बताया कि नियुक्ति के बाद से अब तक 254 अतिथि अध्यापकों की जान जा चुकी है। सरकार ने उनके परिवारों को एक्सग्रेसिया तक का लाभ नहीं दिया। नियमित शिक्षकों की तर्ज पर यह राशि मिलती तो उनके परिवार अपना गुजारा चला सकते थे। नियमित शिक्षकों के समान सुविधाएं न मिलने से उनमें रोष है। अधिकतर अतिथि अध्यापक पात्रता परीक्षा पास हैं। सरकार अगर उनकी मांगें नहीं मानती है तो कोई भी बड़ा बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे।
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ये हैं मांगें
समिति के उप प्रधान प्रदीप बतान ने बताया कि अब की बार मांगों के पूरा होने का पत्र जारी होने पर ही लड़ाई थमेगी। सेवा नियम लागू करने में स्कूल शिक्षा विभाग देरी कर रहा है। उन्हें एनपीएस, अर्जित अवकाश, महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव, पुरुष शिक्षकों को 20 आकस्मिक अवकाश के अलावा एक्सग्रेसिया राशि, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी, विकलांग अध्यापकों को भत्ता, क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों के लिए मैन्युअल तबादलों का प्रावधान किया जाए। गृह जिलों में समायोजन करें व वरिष्ठता के आधार पर स्कूल प्रभारी बनाएं।
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