संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के महासचिव डा. जगमोहन सिंह राजू को चंडीगढ़ में हिरासत में लिया और बाद में उनको छोड़ दिया गया। राजू पंजाब विधानसभा के स्पीकर से मिलना चाहते थे। वह उन्हें नशा मुक्त पंजाब और गुरु नगरी अमृतसर को पवित्र शहर के रूप में मान्यता देने की मांग रखना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया। एक बयान में डा. राजू ने कहा कि उन्होंने इन मुद्दों को लेकर तीन वर्षों से जन और न्यायिक स्तर पर प्रयास किए हैं। राजू ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर 10-11 जुलाई को आयोजित विशेष सत्र की कड़ी आलोचना की और इसे थिएटर ऑफ द एब्सर्ड कहा।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 47 का हवाला देते हुए कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह नशीले पदार्थों पर रोक लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख विरोधी रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया, विशेषकर धार्मिक स्थलों के आसपास शराब और मांस की बिक्री को लेकर। डा. राजू ने मांग की कि श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्ग्याणा तीर्थ और श्री रामतीर्थ जैसे धार्मिक स्थलों के 200 मीटर के दायरे में शराब व तंबाकू की दुकानों को स्थायी रूप से बंद किया जाए।