चंडीगढ़। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुए 10 महीने बीच चुके हैं। रविवार को मानसा में उनकी बरसी मनाई गई लेकिन अभी तक पुलिस सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता गैंगस्टर गोल्डी बराड़ तक नहीं पहुंच पाई है। वह विदेश में छिपा हुआ है। उसके साथी गैंगस्टर जेल से इंटरव्यू देकर एक तरफ जहां महिमामंडल कर रहे हैं, वहीं पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला का परिवार बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए विधानसभा से लेकर विदेशों तक संघर्ष कर रहा है। परिवार का कहना है कि अगर बेटे को इंसाफ नहीं दिला पाए तो वह सड़क पर जाकर संघर्ष करेंगे। सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को उस समय हुई थी जब वह अपने घर से थार जीप में दोस्तों के साथ अपनी रिश्तेदार के घर निकला था। हमलावरों ने उसे घेरकर मारा था। हत्या के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की तरफ से इसकी जिम्मेदारी ली गई थी। साथ ही दावा किया था कि उन्होंने विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या का बदला ले लिया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की थी। साथ ही गैंगस्टर गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई और दीपक पर अब तक करीब 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इनमें से 29 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं चार लोगों की मौत हो गई है जबकि छह विदेश में हैं। इस मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। हालांकि इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता गोल्डी बराड़ अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। पंजाब पुलिस की दलील है कि मुख्य आरोपी देश में नहीं है, उसे विदेश से भारत लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल कर प्रक्रिया चल रही है। उसे जल्द ही भारत लाया जाएगा।
वहीं, सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पकड़े गए आरोपियों में से एक को ही उनका बेटा जानता था। सारे आरोपी किराए के थे। पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी को भारत लाने में असफल रही है। मजबूरी में उन्होंने विधानसभा के बाहर धरना दिया था। 20 मार्च के बाद उनकी सीएम से मुलाकात होगी।
सिक्योरिटी न हटाई होती तो बेटा बच जाता
परिजनों का कहना है कि अगर बेटे की सिक्योरिटी हटाने की खबर लीक न होती तो उनका बेटा बच सकता था। सरकार में शामिल एक सीनियर व्यक्ति ने इस खबर को अपने सोशल मीडिया में डाला। इससे बाद यह बात गैंगस्टरों तक पहुंची और उनके बेटे की हत्या हुई। उसके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कुछ अन्य लोगों और कलाकारों के नाम भी बताए हैं। इस मामले में मानसा पुलिस द्वारा गठित एसआईटी जांच कर चुकी है।
गोल्डी पर रखा इनाम, जमीन बेचकर करेंगे भुगतान
सिद्धू की हत्या के बाद से पिता बलकौर सिंह की तबीयत ठीक नहीं रहती है। वह दिल की बीमारी का शिकार हो चुके है। उनका पीजीआई से इलाज चल रहा है। उनका कहना है कि अब खाली घर भी काटने का दौड़ता है। घर की दीवारें उनसे सवाल करती है। वह चाहते हैं कि उक्त दोषियों काे कठोर सजा मिले। उन्होंने दिसंबर में एलान किया था कि सरकार गैंगस्टर गोडी बराड़ को पकड़ने के लिए दो करोड़ का इनाम रखे। वह जमीन बेचकर इसके लिए रकम देने को तैयार हैं।