चंडीगढ़। एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई के खास रविंदर उर्फ काली शूटर को जिला अदालत ने शुक्रवार को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बचाव पक्ष के मुताबिक बरी होने की मुख्य वजह शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को दिए स्क्रीन शॉट में मोबाइल नंबर न होना रहा। एफआईआर में दर्ज मोबाइल नंबर और जिन नंबर से कॉल आई थी, दोनों अलग-अलग पाए गए। पुलिस ने यह भी जांच नहीं कि जिन नंबर से कॉल आई है वह नंबर किसके हैं और न ही आरोपी से मोबाइल की रिकवरी हो पाई है।
मामला 23 सितंबर 2012 का है। सेक्टर-18 निवासी अमित गुप्ता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उससे व्हाट्सएप नंबर से कॉल आई। फोन पर एक करोड़ रुपये फिरौती की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने पहली बार आए फोन को नजरदांज कर दिया। उसके बाद दोबारा कॉल आई, जिसमें फिर से फिरौती की मांग की, साथ ही उसे धमकी भी दी। उसके बाद अमित गुप्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने रविंदर उर्फ काली शूटर को गिफ्तार कर लिया था।