गन प्वाइंट पर 16 लाख रुपये की लूट करने के आरोपियों को कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग की अदालत ने यह फैसला सुनाया। क्योंकि पुलिस आरोपों को साबित करने के लिए कोर्ट में पुख्ता सबूत नहीं दे पाई।
वहीं, शिकायतकर्ता के बयान में हेरफेर भी इसकी वजह बनी। हालांकि, इस केस में फिलहाल पूरा जजमेंट नहीं आया है, लेकिन तीनों आरोपियों को बरी करने के आदेश सोमवार को सुना दिए गए।
मोहाली निवासी संपूर्ण सिंह ने चंडीमंदिर थाने में दर्ज अपनी शिकायत में अंबाला निवासी कुलवीर, रणवीर व गुरमेज पर आरोप लगाए थे। संपूर्ण सिंह के मुताबिक, 24 अगस्त 2012 को वह मौली गांव में अपनी 27 कनाल की जमीन का सौदा करके फारच्यूनर गाड़ी से वापस मोहाली जा रहा था और उसके पास 27 लाख रुपये थे।
जब वह बरवाला के नजदीकी गांव सुलतानपुर से गुजरा तो वहां एक स्विफ्ट कार ने उसे घेर लिया, जिसमें तीन-चार युवक थे। एक हवाई फायर हुआ और स्विफ्ट सवार पैसों से भरा बैग लेकर भाग गए, जिसमें 27 लाख रुपये थे। लुटेने में कुलवीर, रणवीर व गुरमेज शामिल थे, जिन्हें वह जानता है।
चंडीमंदिर थाने में उक्त तीनों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, लेकिन अगले ही दिन संपूर्ण सिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी गाड़ी में से 11 लाख रुपये मिल गए हैं। लिहाजा, लूट 16 लाख रुपये की रह गई।
आरोपी पकड़े, रिकवर हुआ पैसा
पुलिस की जांच शुरू हुई तो उक्त तीनों आरोपी पकड़े गए और उनसे करीब दस लाख रुपये भी बरामद हुए। बचाव पक्ष के वकील अमित डुडेजा ने बताया कि आरोपियों को गलत फंसाया गया था।
इस केस में एफआईआर ही अगले दिन दर्ज कराई गई। इसके अलावा आरोपियों की शिनाख्त परेड भी नहीं हुई। इसके अलावा मौके से मिले खोल और रिकवर हुई पिस्टल को आपस में मिलान नहीं कराया गया।