पंचकूला। कोरोना को हरा चुके लोग अब सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में भी कोरोना संक्रमितों को जीवन देंगे। सेक्टर-6 में जल्द ही प्लाज्मा बैंक बनाया जाएगा। इसको बनाने की तैयारियां जोरों पर चल रही है। पीजीआई चंडीगढ़ में प्लाज्मा थैरेपी को मंजूरी मिलने के बाद पंचकूला में इस पर काम चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार प्लाज्मा बैंक में उन लोगों का ब्लड एकत्रित किया जाएगा जो कोरोना को हरा चुके हैं। उनके रक्त के प्लाज्मा से दूसरे मरीजों का इलाज किया जाएगा। पंचकूला में मरीजोें की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। प्लाज्मा थैरेपी के सकारात्मक परिणामों को ध्यान में रखकर प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्लाज्मा बैंक स्थापित करने की संभावना है।
कोरोना को हराने वालों से करेंगे रक्तदान की अपील
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग उन लोगों से रक्तदान की अपील करेगा जो कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। प्लाज्मा थेरेपी की मदद से अन्य मरीजों को ठीक किया जाएगा। अब तक प्लाज्मा थैरेपी के परिणाम काफी उत्साहित करने वाले रहे हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्लाज्मा बैंक पंचकूला में बनाने का फैसला लिया गया है। ये इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पंचकूला बड़ा सेंटर तो है ही, साथ में यहां हिमाचल प्रदेश, पंजाब और साथ लगते गांवों के मरीज भी आते हैं।
यह है प्लाज्मा थैरेपी
कोरोना संक्रमण से निजात पा चुके लोगों की ब्लड की एंटीबॉडी का इस्तेमाल प्लाज्मा थैरेपी में किया जाता है। इन एंटीबॉडी की मदद से दूसरे मरीजों में विकसित हो चुके वायरस को खत्म करने में मदद मिलती है। इस थेरेपी में यह जरूरी है कि इसके लिए ऐसा व्यक्ति चाहिए जो ठीक हो चुका हो और उसके ठीक हुए 14 दिन बीत चुके हों।
कोट्स
पंचकूला में प्लाज्मा बैंक बनाने को लेकर प्लानिंग की जा रही है, जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। इसके बनने के बाद कोरोना की चपेट में आए मरीजों को ठीक करने में मदद मिलेगी और बीमारी से ठीक हो चुके लोगों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग